Uttara Pradesh

कम नहीं हो रही आजम खान की मुश्किलें, अब इस मामले में बुरे फंसे- जानिए पूरा मामला

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प्रयागभारत, रामपुर : आलियागंज के किसानों की जमीनें कब्जाकर जौहर यूनिवर्सिटी में मिलाने के 22 मामलों में न्यायालय ने आजम खां समेत 12 लोगों पर आरोप तय किए हैं। इनमें आजम खां के अतिरिक्त पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा, उनके बड़े बेटे अदीब, छोटे बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला, बहन निकहत अखलाक, चमरौआ के विधायक नसीर खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन खां, तत्कालीन अजीमनगर थाना प्रभारी कुशलवीर सिंह, लेखपाल आंनदवीर सिंह, जकी उर रहमान सिद्दीकी, मुश्ताक अहमद सिद्दीकी और फसीह जैदी आरोपित बनाए गए हैं।

साल 2019 में दर्ज हुए थे मुकदमे

सभी ने आरोपों से इन्कार किया, जिस पर न्यायालय ने मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन को गवाह पेश करने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले की सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। आजम खां पर वर्ष 2019 में ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें 27 मामले अजीमनगर थाना क्षेत्र में दर्ज हुए, जो आलियागंज के किसानों ने दर्ज कराए थे। इनमें आरोप है कि आजम खां, आले हसन और कुशलवीर सिंह ने किसानों को जबरन उनकी जमीनों को जौहर यूनिवर्सिटी के लिए देने का दबाव बनाया।

इसके लिए उन्हें जबरन हवालात में बंद रखा गया। उन्हें चरस व स्मैक के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद भी बैनामा न करने पर उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी में मिला लिया गया। इन मामलों की जांच कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे। गुरुवार को इनमें 22 मामलों में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) के न्यायाधीश शोभित बंसल ने आरोप तय किए।

आरोप तय किए जाने के दौरान चमरौआ विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक नसीर खां और लेखपाल आंनदवीर सिंह कोर्ट में पेश हुए, जबकि अन्य आरोपितों की वीडियो कांफ्रेंस से पेशी कराई गई। सुनवाई के दौरान आरोपितों की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर अभियोजन द्वारा आपत्ति दाखिल की गई। आपत्ति पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि न्यायालय में आरोपितों को आरोप पढ़कर सुनाए गए। उनके द्वारा आरोपों को झूठा बताया गया और मुकदमा विचारण की मांग की गई। इस पर न्यायालय ने मुकदमा विचारण के आदेश करते हुए गवाहों को तलब किया है।

अब इस मामले की सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। इन मुकदमों को दर्ज कराने वालों में हनीफ, जुम्मा, कल्लन, यासीन, मोहम्मद रफीक, मोहम्मद बंदे अली, नब्बू, भुल्लन, नासिर, शरीफ, मोहम्मद मुस्तकीम, अमीर आलम, नामे अली, अबरार, नजाकत, मतलूब, असरार, मोहम्मद आलिम, जाकिर, नूर आलम, रेशमा और राजस्व निरीक्षक मनोज कुमार शामिल हैं।

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