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ताइवान में भूकंप के तीन दिन बाद भी 600 से अधिक लोग फंसे, अब तक 12 की मौत

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ताइपे: ताइवान में 25 वर्षों में यह सबसे शक्तिशाली भूकंप था, जिसके तीन दिन बाद भी कई लोग लापता हैं तो कई शव मलबे में दबे हैं। बचावकर्मी पैदल मार्ग पर पत्थरों के नीचे दबे दो शवों को निकालने के लिए शनिवार को भारी उपकरण लाने की योजना बना रहे थे।

अपने ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके के लिए प्रसिद्ध तारोको नेशनल पार्क में शाकाडांग ट्रेल पर चार और लोग लापता हैं। भूकंप के झटकों के कारण शुक्रवार दोपहर को बंद कर दिए जाने के बाद खोजबीन का कार्य फिर से शुरू किया गया।

12 लोगों की मौत, 10 लापता

ताइवान के पूर्वी तट पर बुधवार सुबह आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य अभी भी लापता हैं।

तारोको पार्क के एक होटल में लगभग 450 लोगों सहित 600 से अधिक लोग चट्टानों के खिसकने और अन्य क्षति के कारण कटे हुए विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं।

भूकंप में जिंदा बचे लोगों ने सड़कों पर चट्टानों के गिरने और उन्हें सुरंगों में फंसने की दर्दनाक कहानियां बयां की  हैं, जब तक कि बचावकर्मी उन्हें मुक्त करने के लिए नहीं पहुंचे हुलिएन शहर में एक सड़क पर खतरनाक एंगल पर झुकी हुई एक इमारत को सावधानीपूर्वक तोड़ा जा रहा था।

अर्थ क्‍वेक प्रोन आईलैंड पर इतने शक्तिशाली भूकंप में कम जनहान‍ि होना यहां के सख्त निर्माण मानकों और व्यापक सार्वजनिक शिक्षा अभियानों की वजह से संभव हुआ है। 

शाकाडांग ट्रेल पर दो मृतकों और चार लापता लोगों में पांच लोगों का एक परिवार शामिल है। ताइवानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को फंसे हुए शव एक पुरुष और एक महिला के थे, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पाई है। मालूम हो कि वर्ष 1999 में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में यहां 2,400 लोग मारे गए थे। 

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