हांग कांग कोर्ट ने देश के सबसे बड़े सुरक्षा मामले में 14 लोगों को ठहराया दोषी, हो सकती है उम्रकैद
हांगकांग। हांगकांग के सबसे बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक केस में सुनवाई के बाद गुरुवार को कोर्ट ने 14 लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया है। दोषी ठहराए गए लोगों में पूर्व सांसद भी शामिल हैं।
बता दें कि मामले में दो लोगों को बरी कर दिया गया है। दोषी ठहराए गए लोग उन 47 में शामिल हैं, जो लोकतंत्र का समर्थन कर रहे थे और जिन पर वर्ष 2021 में आरोप लगाया गया था। वे सभी गैर आधिकारिक प्राइमरी इलेक्शन में शामिल हुए थे।
सरकार को पंगु बनाने का लगा था आरोप
अभियोजकों की ओर से उन पर हांगकांग की सरकार को पंगु बनाने का आरोप लगाया था। ब्रिटेन ने जब 1997 में हांगकांग को चीन को वापस सौंपा था, तो बीजिंग ने पश्चिमी शैली की तरह नागरिक स्वतंत्रता को 50 वर्षों तक बनाए रखने का वादा किया था।
हालांकि, 2020 के कानून की शुरुआत के बाद से हांगकांग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के दायरे में स्वतंत्र भाषण और सभा को गंभीर रूप से सीमित कर दिया है। कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, चुप करा दिया गया या आत्म-निर्वासन के लिए मजबूर कर दिया गया।
इन लोगों को ठहराया गया दोषी
बता दें कि जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है उनमें पूर्व सांसद लेउंग वोक-हंग, लैम चेउक-टिंग, हेलेना वोंग और रेमंड चैन शामिल हैं। दोषी ठहराए गए लोगों को उम्रकैद की सजा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सरकार द्वारा गठित तीन न्यायाधीशों की समिति ने पूर्व जिला काउंसलर ली यू-शून और लॉरेंस लाउ को बरी कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, साल 2021 में एक अनौपचारिक प्राथमिक चुनाव में शामिल पाए जाने के लिए 47 लोकतंत्र समर्थकों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था। अभियोजन पक्ष ने इन समर्थकों पर हांग कांग सरकार को पंगु बनाने और जरूरी बहुमत हासिल कर शहर के नेता को गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था।
