Uttarakhand

Garhwaal University में NSUI की जीत के बाद केसी वेणुगोपाल का बड़ा दावा, बोले- DUSU में भी BJP को मिलेगी शिकस्त

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Spread the loveप्रयाग भारत, Garhwaal University-कांग्रेस पार्टी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी कैंपस में हुए छात्र संघ चुनाव में NSUI की जीत का दावा किया है। इस जीत के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने BJP […]

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प्रयाग भारत, Garhwaal University-कांग्रेस पार्टी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी कैंपस में हुए छात्र संघ चुनाव में NSUI की जीत का दावा किया है। इस जीत के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने BJP पर निशाना साधते हुए इसे पार्टी के लिए बड़ी हार करार दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय चुनाव का परिणाम युवाओं और छात्रों के बीच बदलते राजनीतिक रुझान का संकेत है।

वेणुगोपाल ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गढ़वाल यूनिवर्सिटी चुनाव में NSUI की जीत को BJP के खिलाफ छात्रों का संदेश बताया और दावा किया कि आने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव में भी NSUI को बड़ी सफलता मिलेगी।

‘DUSU में भी भारी अंतर से जीतेगा NSUI’

केसी वेणुगोपाल ने अपने पोस्ट में कहा कि गढ़वाल यूनिवर्सिटी चुनावों में NSUI की शानदार जीत BJP की करारी हार है। उन्होंने दावा किया कि आगामी DUSU चुनाव में भी BJP समर्थित छात्र संगठन को इसी तरह की शिकस्त का सामना करना पड़ेगा और NSUI पैनल भारी अंतर से जीत हासिल करेगा।

उन्होंने अपने बयान को युवाओं और छात्रों की भावनाओं से जोड़ते हुए जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को लेकर युवाओं और छात्रों में नाराजगी है। हालांकि, जंतर-मंतर की घटनाओं और BJP को लेकर लगाए गए ये आरोप कांग्रेस नेता के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।

उत्तराखंड में 2027 को लेकर भी बड़ा दावा

केसी वेणुगोपाल ने छात्र संघ चुनाव के बहाने उत्तराखंड की आगामी विधानसभा राजनीति पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता 2027 में BJP को सत्ता से बाहर कर कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका देगी।

उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। राज्य में पिछले दो विधानसभा चुनावों में BJP ने जीत दर्ज कर लगातार सरकार बनाई है। अब BJP जहां सत्ता में हैट्रिक लगाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस लंबे समय बाद राज्य की सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है।

कांग्रेस नेता ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस की सरकार युवाओं, हाशिए पर रहने वाले लोगों और वंचित वर्गों की चिंताओं को प्राथमिकता देगी। इस बयान के जरिए उन्होंने छात्र राजनीति में मिली जीत को आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक संभावनाओं से भी जोड़ने की कोशिश की।

18 सितंबर को DUSU चुनाव, 19 सितंबर को नतीजे

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ यानी DUSU के चुनाव 18 सितंबर को होने हैं। इसके एक दिन बाद, 19 सितंबर को वोटों की गिनती की जाएगी। DUSU चुनाव देश के सबसे चर्चित छात्र संघ चुनावों में शामिल हैं और इनमें NSUI तथा BJP से जुड़े ABVP के बीच मुकाबला खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जाता है।

गढ़वाल यूनिवर्सिटी के पौड़ी कैंपस में NSUI की जीत के दावे के बाद कांग्रेस अब इसे DUSU चुनाव के लिए भी सकारात्मक संकेत के तौर पर देख रही है। हालांकि, DUSU चुनाव का वास्तविक परिणाम 19 सितंबर को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।

छात्र राजनीति से विधानसभा चुनाव तक सियासी संदेश

वेणुगोपाल के बयान को केवल छात्र संघ चुनाव तक सीमित नहीं माना जा रहा है। उन्होंने गढ़वाल यूनिवर्सिटी में NSUI की जीत को उत्तराखंड में BJP के खिलाफ कथित जन असंतोष से जोड़ते हुए 2027 विधानसभा चुनाव का मुद्दा भी उठाया।

कांग्रेस का प्रयास है कि छात्र और युवा वर्ग से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाया जाए। वहीं BJP के सामने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की चुनौती होगी। ऐसे में विश्वविद्यालयों और छात्र संगठनों के चुनावों में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों को दोनों दल व्यापक राजनीतिक माहौल के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

फिलहाल, गढ़वाल यूनिवर्सिटी चुनाव में NSUI की जीत के कांग्रेस के दावे के बाद नजरें अब DUSU चुनाव पर हैं। 18 सितंबर को मतदान और 19 सितंबर को मतगणना के बाद यह साफ होगा कि NSUI के पक्ष में वेणुगोपाल का दावा कितना सही साबित होता है।

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