Haridwar में धामी कैबिनेट की पहली बैठक संपन्न, 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर
Summary
ख़बर शेयर करें -प्रयाग भारत, हरिद्वार : Haridwar मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत सुविधाओं, युवाओं के हित, […]
More On Haridwar
- Haridwar पूर्व मेयर अनीता शर्मा के होटल पर GST विभाग की छापेमारी, दस्तावेजों की जांच जारी
- Haridwar में युवक को मारने आए हमलावरों ने चलाई गोली, बीच में आई युवती को लगी; AIIMS रेफर
- Haridwar में घरेलू विवाद बना खूनी वारदात, बड़े बेटे ने पिता के सिर पर डंडे से किया हमला; मौत
- haridwar में 11 माह की बच्ची लापता, नशेड़ी के कब्जे से सकुशल बरामद
- कुंभ से पहले हरिद्वार का नया लुक, ओम पुल के पास स्थापित हुई विशाल शिव प्रतिमा
प्रयाग भारत, हरिद्वार : Haridwar मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत सुविधाओं, युवाओं के हित, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण से जुड़े 13 प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य जनता से जुड़े फैसले जनता के बीच जाकर लेना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जनहित के मुद्दों पर निर्णय लेते समय आम लोगों की जरूरतों और अपेक्षाओं को प्राथमिकता दी जाए।
मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के गठन को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। प्रस्तावित संस्थान के माध्यम से भारतीय योग, ध्यान, ज्योतिष और अन्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका संचालन सोसायटी मोड में किया जाएगा।
कुंभ 2027 और विकास योजनाओं पर चर्चा
बैठक में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के साथ-साथ विकास कार्यों, आवासीय परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा आगामी विधानसभा सत्र आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता देने और ऊधम सिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी।
युवाओं और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण फैसले
राज्य सरकार ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती से संबंधित नई नियमावली को मंजूरी दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी देकर संबंधित व्यवस्थाओं को जारी रखने का निर्णय लिया।
विधानसभा में पेश होंगे दो महत्वपूर्ण विधेयक
मंत्रिमंडल ने द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 और उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। इसके अलावा उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन तथा संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव भी मंजूर किए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर दी शुभकामनाएं
कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने मां गंगा की पूजा-अर्चना और आरती कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की निरंतर प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए भी प्रार्थना की।
केंद्र सरकार के सहयोग के लिए जताया आभार
उत्तराखंड के समग्र विकास में लगातार सहयोग देने के लिए कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। मंत्रिमंडल ने राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप केंद्र से निरंतर सहयोग मिलने की उम्मीद जताई।
कैबिनेट बैठक के बाद सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार, इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य में विकास कार्यों को गति देना, जनहितकारी योजनाओं को प्रभावी बनाना और विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है।