Rehan Vadra की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने का आरोप, प्रियंका गांधी बोलीं- मुझे तुम पर गर्व है
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प्रयाग भारत , नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रेहान ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी प्रदर्शनी से विरोध-प्रदर्शनों और भारतीय तिरंगे से जुड़ी तस्वीरें हटाने के लिए कहा। इस मामले पर प्रियंका गांधी ने अपने बेटे का समर्थन करते हुए कहा कि सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति जब दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह उसी ताकत को खो चुका होता है जिसे बचाने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी इस कथित कार्रवाई की आलोचना की है।
रेहान वाड्रा की ‘नो आइडिया इज फाइनल’ नाम की प्रदर्शनी गुरुवार को शुरू होने वाली है। रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी में शामिल दिल्ली के विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरों पर आपत्ति जताई गई और उन्हें कुछ कलाकृतियां हटाने के लिए कहा गया। हालांकि, इस मामले में बीकानेर हाउस प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रियंका गांधी ने बेटे का किया समर्थन
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे के समर्थन में संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे शायद एहसास नहीं होता कि वह उसी ताकत को खो चुका है, जिसे बचाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने रेहान से कहा कि वह सच के साथ खड़े रहें। प्रियंका ने लिखा, “तुम सच के साथ खड़े रहो, और हर खूबसूरत चीज खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी। मुझे तुम पर गर्व है, और हमेशा रहेगा।”
इससे पहले रेहान के पिता रॉबर्ट वाड्रा ने भी उनके उस सोशल मीडिया पोस्ट को साझा किया था, जिसमें प्रदर्शनी की तस्वीरों पर कथित आपत्तियों का जिक्र किया गया था।
पवन खेड़ा ने सेंसरशिप को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी इस मामले की आलोचना की। उन्होंने कहा, “जब तिरंगा भी सेंसर की कैंची से नहीं बच पाता, तो शायद समस्या कला में नहीं, बल्कि सत्ता में है।”
खेड़ा ने दावा किया कि रेहान की प्रदर्शनी में शामिल 74 कलाकृतियों में से लगभग आधी को उद्घाटन से ठीक पहले हटाने के लिए कहा गया, क्योंकि उन्हें कथित तौर पर राजनीतिक माना गया था।
उनके अनुसार, इन तस्वीरों में विरोध-प्रदर्शनों के दृश्य थे और वे न तो अपमानजनक थीं और न ही भड़काऊ। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय तिरंगे वाली एक तस्वीर को प्रदर्शनी में बनाए रखने के लिए रेहान को संघर्ष करना पड़ा।
खेड़ा ने प्रदर्शनी की दीवारों पर स्पॉटलाइट के नीचे निकली लोहे की कीलों का जिक्र करते हुए इसे सेंसरशिप का प्रतीक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि तस्वीरों पर आपत्ति जताकर कलात्मक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिश की गई।
रेहान का दावा- तिरंगे वाली दो तस्वीरें हटाने को कहा गया
रेहान वाड्रा के मुताबिक, बीकानेर हाउस प्रबंधन ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लेते युवाओं की तस्वीरों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने दावा किया कि भारतीय तिरंगे वाली दो तस्वीरों को भी हटाने के लिए कहा गया।
रेहान ने बताया कि उन्होंने आयोजक से सवाल किया कि भारतीय तिरंगे की तस्वीरों में आपत्तिजनक क्या है और क्या प्रबंधन की नीति में ऐसी तस्वीरों को हटाने का कोई प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि यदि तिरंगे की तस्वीरें हटाने की मांग की जा रही है, तो इसे लिखित रूप में दिया जाए। रेहान के अनुसार, उन्हें इस संबंध में कोई लिखित निर्देश नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में जब वह घर पर प्रदर्शनी के उद्घाटन की तैयारी कर रहे थे, तब अधिकारियों ने खुद ही तिरंगे वाली एक तस्वीर हटा दी। रेहान ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था।
प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाने के निर्देश का आरोप
रेहान वाड्रा ने प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, उन्होंने 15 अक्टूबर को ही प्रशासन के साथ प्रदर्शनी का लेआउट साझा कर दिया था और उन्हें जवाब भी मिल गया था। इसके बावजूद उद्घाटन से ठीक पहले तस्वीरें हटाने की बात कही गई।
रेहान ने दावा किया कि उन्हें प्रदर्शनी शुरू होने से करीब चार घंटे पहले बताया गया कि लेआउट नहीं देखा गया है और अब लगभग 70 तस्वीरें हटानी पड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि ये तस्वीरें उनके पिछले तीन साल के काम का हिस्सा हैं। ऐसे में कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले इतनी बड़ी संख्या में कलाकृतियां हटाने की मांग से उनकी तैयारियां प्रभावित हुईं।
रेहान बोले- कला में राजनीतिक विचारों की भी जगह होनी चाहिए
रेहान वाड्रा ने कथित तौर पर तस्वीरें हटाने की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी कला संस्थान में राजनीतिक सामग्री पर रोक लगाने की नीति नहीं होनी चाहिए। उनका तर्क है कि कला में राजनीतिक विचारों और सामाजिक घटनाओं को जगह मिलना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्थान कला प्रदर्शनी आयोजित करता है, तो उसमें राजनीतिक विषयों को पूरी तरह प्रतिबंधित करना उचित नहीं है। रेहान ने यह भी सवाल उठाया कि जब ये तस्वीरें उनके तीन साल के काम का हिस्सा थीं, तो उनसे इन्हें हटाए जाने पर चुप रहने की अपेक्षा क्यों की जा रही है।
मामले पर प्रबंधन का पक्ष आना बाकी
रेहान वाड्रा के आरोपों के बाद यह मामला कलात्मक अभिव्यक्ति, राजनीतिक सामग्री और प्रदर्शनी प्रबंधन के नियमों को लेकर चर्चा में आ गया है। प्रियंका गांधी और पवन खेड़ा ने जहां इस कथित कार्रवाई की आलोचना की है, वहीं रेहान ने तस्वीरें हटाने के निर्देशों और उनकी टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, बीकानेर हाउस प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तस्वीरों को लेकर क्या निर्देश दिए गए थे और इसके पीछे क्या कारण बताए गए।