मंत्री का बेटा करता था उत्पीड़न, तंग आकर विश्वविद्यालय के कर्मचारी ने खाया जहर; कर्मचारियों में आक्रोश
प्रयागभारत, आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने मंगलवार को जहर का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। आरोप है कि कर्मचारी को अवैध रूप से प्रदेश सरकार में मंत्री के आवास पर अटैच किया गया था।
मंत्री पुत्र के उत्पीड़न से आहत होकर कर्मचारी ने यह कदम उठाया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय बंद कराकर कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया है।
विश्वविद्यालय के कर्मचारी कैंपस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिनेश कुशवाह तैनात हैं। माली के पद पर उनकी तैनाती है। उनकी नौकरी मृतकाश्रित कोटे में लगी थी।
मंत्री के बेटे न कर्मचारी से की मारपीट
बताया जा रहा है कि कर्मचारी को आगरा स्थित प्रदेश सरकार के मंत्री के आवास पर सात-आठ माह पूर्व अटैच कर दिया गया था। आरोप है कि मंगलवार सुबह मंत्री पुत्र ने कर्मचारी से अभद्रता और मारपीट की। इससे आहत होकर कर्मचारी ने अपने घर पर विषाक्त का सेवन कर लिया। हालात बिगड़ने पर स्वजन उसे इमरजेंसी लेकर पहुंचे। जहां उसकी हालात खतरे से बाहर बताई जा रही है।
यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों में आक्रोश
एसएन से बाद में स्वजन कर्मचारी को निजी हॉस्पिटल ले गए। विश्वविद्यालय में कर्मचारियों को जब घटना की जानकारी मिली तो उनमें आक्रोश फैल गया। दोपहर तीन बजे विश्वविद्यालय बंद कराकर वह कुलपति कार्यालय पर पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने बताया कि हमारी लड़ाई विश्वविद्यालय से है कि आखिर अवैध रूप से कर्मचारी को मंत्री आवास पर अटैच क्यों किया गया ।
