उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच बढ़ा आपसी टकराव
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, रामनगर: उत्तराखंड में बीजेपी नेताओं के आपसी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं. ऐसा ही एक मामला अल्मोड़ा जिले से सल्ट क्षेत्र से सामने आया है, जहां बीजेपी के दो नेताओं में जमकर बहस हुई. […]
More On prayagbharat
- स्कूल बस को ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर नहर में गिरी बाइक
- निर्माणाधीन स्थल पर नमाज पढ़ने का मामला, शांति बनाए रखने की अपील
- बड़े मंदिर के महंत पर लिव-इन संबंध का आरोप, हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
- सहस्त्रधारा में बनेगा एटीसी टावर, हेली संचालन को मिलेगा तकनीकी सहारा
- शराब के ठेके पर कैश लेने पहुंचे युवक पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी
प्रयाग भारत, रामनगर: उत्तराखंड में बीजेपी नेताओं के आपसी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं. ऐसा ही एक मामला अल्मोड़ा जिले से सल्ट क्षेत्र से सामने आया है, जहां बीजेपी के दो नेताओं में जमकर बहस हुई. इस बहस का वीडियो भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि बहस एक कार्यक्रम के दौरान मामूली सी बात को लेकर शुरू हुई तो बाद बढ़ गई.
जानकारी के मुताबिक, कल यानी बुधवार 18 फरवरी को जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र के न्याय पंचायत मछोड़ के राजकीय इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया था. इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था.
शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया गया. लेकिन इसी दौरान शिविर में उस समय माहौल गरमा गया, जब बीजेपी विधायक महेश जीना और भाजपा के जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी के बीच कहासुनी हो गई.
वहीं, इस मामले पर सल्ट विधायक महेश जीना का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि, शिविर में जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने कार्यक्रम स्थल के अंदर ही खाने-पीने की व्यवस्था की थी. प्रशासन ने इस पर आपत्ति जताते हुए व्यवस्था को बाहर करने के निर्देश दिए थे. इसी के बाद हंसा नेगी भड़क गए और अनावश्यक विवाद करने लगे. राजनीतिक लाभ और सहानुभूति लेने के उद्देश्य से इस प्रकार की व्यवस्था की जा रही थी. – महेश जीना, सल्ट विधायक –
उधर, जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा है. हंसा नेगी का कहना है कि उस शिविर में काफी दूर से लोग पहुंचे थे. उनके लिए ही अंदर खाने-पीने और चाय-पानी का इंतजाम किया गया था. उनके द्वारा लोगों को पहले से ही शिविर की जानकारी दी गई थी. पूरी व्यवस्था जनसहयोग के रूप में की गई थी, जिसका विरोध गलत तरीके से किया गया है.
