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Impact Player rule से फायदा हुआ या नुकसान? क्या सोचते हैं विराट कोहली, जानिए यहां

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प्रयागभारत, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पिछले साल आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर का नियम लागू किया था। इस नियम के तहत टीमें अपनी प्लेइंग-11 में एक बदलाव कर सकती हैं। लेकिन इस नियम की इस साल जमकर आलोचना हुई है। मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान और मुख्य बल्लेबाज रोहित शर्मा ने इसकी आलोचना की और अब विराट कोहली ने भी इस नियम को क्रिकेट के लिए सही नहीं बताया है।

कोहली ने कहा कि इस नियम को दोबारा से जांचने की जरूरत है। इस नियम के आने के बाद से बल्लेबाजों का बोलबाला देखने को मिला है। यही कारण है कि इस साल आईपीएल में जमकर रन बरसे हैं। 200 का स्कोर इस सीजन बहुत मामूली सी बात लगने लगा है।

कोहली ने बल्ले और गेंद के बीच संतुलन की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट का सुंदरता इसी बात में है कि यहां छोटा स्कोर भी डिफेंड किया जा सकता है। कोहली ने कहा, “गेंदबाजों को ऐसा लग रहा है कि वो क्या करें। मैंने ये कभी अनुभव नहीं किया, जहां गेंदबाजों को लगता है कि वह हर गेंद पर चौका या छक्का खा सकते हैं। हर टीम के पास बुमराह या राशिद खान नहीं होते हैं।”

उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि मेरे पास एक अतिरिक्त बल्लेबाज है और इसी कारण मैं इस साल पावरप्ले में 200 प्लस के स्ट्राइक रेट के साथ खेल रहा हूं। मैं जानता हूं कि एक बल्लेबाज आठवें नंबर पर भी है। हम हाई लेवल की क्रिकेट खेल रहे हैं लेकिन मेरे विचार में ये इतना दबदबे वाला नहीं होना चाहिए। बैट और बॉल में संतुलन होने की बात ही अलग है।”

रोहित ने क्या कहा?

रोहित ने बीते दिनों एक पॉडकास्ट में कहा था कि वह इस नियम के फैन नहीं हैं। उन्होंने कहा था, “मैं इस निमय का बड़ा फैन नहीं हूं। इससे ऑलराउंडरों को कम मौका मिल रहा है। क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है 12 का नहीं।”

बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर कहा था कि ये एक टेस्ट है जो दो भारतीय खिलाड़ियों को मौका देता है। उन्होंने कहा था कि बीसीसीआई इस नियम के बारे में हितधारकों से बात करेगी। देखना होगा कि ये नियम अगले साल रहता है या नहीं।

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