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आखिरी गेंद पर नॉट आउट रहते Rovman Powell तो भी जीत जाता SRH, इस नियम को लेकर जमकर मचा बवाल

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प्रयागभारत, नई दिल्‍ली। सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्‍थान रॉयल्‍स के बीच गुरुवार को आईपीएल इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक खेला गया। इस मैच का फैसला आखिरी गेंद पर निकला, जहां सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्‍थान को 1 रन से मात दी। हालांकि, आखिरी गेंद पर भुवनेश्‍वर कुमार द्वारा रोवमैन पॉवेल को आउट करने के बाद एक नियम पर काफी बवाल मचा है।

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्‍गज तेज गेंदबाज डेल स्‍टेन सहित कई दिग्‍गजों ने इस नियम पर सवाल खड़े किए हैं। याद दिला दें कि राजस्‍थान रॉयल्‍स को आखिरी गेंद पर जीतने के लिए दो रन की दरकार थी। भुवनेश्‍वर कुमार ने यॉर्कर लेंथ पर गेंद डाली, जो पॉवेल के पैड पर जाकर लगी। गेंदबाज और फील्‍डर्स द्वारा जोरदार अपील करने के बाद अंपायर ने आउट दिया।

तब पॉवेल ने रिव्‍यु लिया, लेकिन थर्ड अंपायर ने भी उन्‍हें आउट करार दिया। यह बात सामने आई कि अगर रोवमैन पॉवेल नॉट आउट भी करार दिए जाते तो भी हैदराबाद ही विजेता बनता। इसका कारण यह है कि एलबीडब्‍ल्‍यू आउट दिए जाने के बाद लेग बाई के रन गिने नहीं जाते हैं। इस स्थिति का मतलब है कि अगर थर्ड अंपायर पॉवेल को नॉट आउट भी करार देते तो भी राजस्‍थान हार जाता क्‍योंकि लेग बाई के रन खाते में नहीं जुड़ते।

नियम बदलने की मांग

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्‍टेन ने सोशल मीडिया के जरिये एलबीडब्‍ल्‍यू और डीआरएस नियम में बदलाव की मांग की है। स्‍टेन ने अपने आधिकारिक एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट किया, ”हमें बेसिकली बेसबॉल स्‍टाइल में खेलने की जरुरत है। गेंद को तब तक डेड नहीं माना जाए, जब तक खेल नहीं रुक जाए। तो अगर आप बैटिंग टीम है तो रन दौड़‍िए और अगर गेंदबाजी टीम हैं, तो फील्डिंग करना जारी रखिए। फिर हम एलबीडब्‍ल्‍यू या नो बॉल पर कैच लेने या आदि का पता करेंगे। आउट हुआ तो आउट, वरना रन लो।”

फैंस को उम्‍मीद

आईसीसी प्‍लेइंग कंडीशंस के हिसाब से, ”अगर खिलाड़ी के रिव्‍यु लेने के बाद आउट का फैसला बदलकर नॉट आउट होता है तो गेंद को डेड मान लिया जाता है। बैटिंग टीम को फैसला बदलने से लाभ मिलता है, लेकिन उसे रन का फायदा नहीं मिलता क्‍योंकि मैदानी अंपायर ने पहले आउट करार दिया है।”

इसके बाद फैंस मांग कर रहे हैं कि नियमों पर बारीकी से ध्‍यान दिए जाने की जरुरत है। फैंस उम्‍मीद कर रहे हैं कि इस तरह की घटना वर्ल्‍ड कप फाइनल में नहीं हो वरना पहले ही सुधार हो जाए तो बेहतर।

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