Uttara Pradesh

गिरफ्तारी के लिए दिल्ली गई बरेली पुलिस की टीम, आज कोर्ट में पेश करने का है आदेश

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प्रयागभारत, बरेली: वर्ष 2010 में हुए बरेली दंगे के लिए कोर्ट से मास्टरमाइंड ठहराए गए आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को गच्चा देकर फरार हो गए हैं। कोर्ट से गैर जमानती जारी होने के बाद स्थानीय पुलिस की एक टीम सीओ प्रथम के नेतृत्व में उनकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली गई है। मौलाना का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट रवि कुमार दिवाकर ने उन्हें गिरफ्तार कर बुधवार, 13 मार्च को पेश करने के आदेश दिए हैं।

कोर्ट ने सोमवार को गैर जमानती वारंट जारी से करने पहले बीते हफ्ते पांच मार्च को समन जारी कर मौलाना को 11 मार्च को हाजिर होने का आदेश दिया था। समन तामील कराने की जिम्मेदारी प्रेमनगर इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी को दी गई थी, लेकिन पुलिस उन तक समन नहीं पहुंचा सकी। कोर्ट ने इस पर भी नाराजगी जताई है। 

पुलिस ने मौलाना के घर पर किसी के मौजूद न होने व ताला पड़ा होने की दलील दी, जबकि इस दौरान घर खुला था। इसी पर कोर्ट ने कहा भी है कि पुलिस चाहती तो दरवाजे पर भी समन चस्पा कर सकती थी। यही नहीं मौलाना दिल्ली में थे और उनका मोबाइल फोन एक दिन पहले तक बराबर खुला था, जो कि अब बंद हो गया है।

थाना प्रभारी पर दिए थे कार्रवाई के निर्देश 

थाना पुलिस के टालमटोल के रवैये को देखते हुए ही कोर्ट ने प्रेमनगर थाना प्रभारी को मौलाना का मददगार बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी एक दिन पहले दिया है। साथ मौलाना को गिरफ्तार कर पेश करने की जिम्मेदारी सीओ प्रथम संदीप कुमार सिंह को दी है। इसी क्रम में दिल्ली गई टीम वहां मौलाना के संभावित पतों पर जाएगी।

मौलाना की सुरक्षा में दिए थे दो गनर 

मौलाना तौकीर की सुरक्षा में काफी समय से बरेली पुलिस के दो गनर चल रहे हैं। कुछ दिन पहले जब मौलाना ने सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी दी थी तो शहर में माहौल बिगड़ने का अंदेशा था। अफसरों ने तब मौलाना की सुरक्षा वापस लेकर गनर हटा लिए थे। हालांकि शोर मचा तो अफसरों ने तर्क दिया कि ट्रेनिंग को गनर बुलाए गए हैं। बाद में मौलाना को दूसरे गनर दिए गए थे। 

इधर, गिरफ्तारी के आदेश के बाद मौलाना का पुलिस ने मौलाना से संपर्क करने की कोशिश की तो उनका फोन नंबर नहीं लगा। तब पुलिस ने उनकी लोकेशन लेने के लिए दोनों गनर से संपर्क किया तो पता लगा कि मौलाना कुछ दिन पहले ही दोनों सुरक्षाकर्मियों को बिना बताए गच्चा देकर कहीं चले गए हैं। अब गनर वापस बुलाने पर भी अफसर मंथन कर रहे हैं।

यह है मामला 

एडीजे रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने वर्ष 2010 के दंगों के आरोप में मौलाना तौकीर रजा खां के अलावा छह अन्य आरोपियों के खिलाफ भी गैरजमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट में 11 मार्च को जब पुकार हुई तो अभियुक्त राजू हसन, सौबी रजा, यासीन की हाजिरी माफी कोर्ट में दाखिल की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अभियुक्त अमजद अहमद, आरिफ, निसार अहमद, अबरार, राजू उर्फ राजकुमार व कौशर कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। कोर्ट ने इन सभी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है।

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