सावधान! साइबर ठगों के इस पैंतरे में मत फंस जाना, वरना बैंक खाता हो जाएगा खाली; ऐसे करें बचाव
प्रयागभारत, भिवानी। लगातार आधुनिक हो रहे समाज और बढ़ती तकनीक में लोग मोबाइल को प्रयोग बढ़ाते जा रहे हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर किसी की जेब में फोन है। आजकल चोर भी चोरी के लिए चाकू या छूरी की बजाय हाथों की उंगलियां का प्रयोग कर रहे हैं और घर बैठे ही लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे है। जिन्हें साइबर ठगी का नाम दिया गया है।
साइबर ठग किसी को परिचित बताते है तो किसी को बैंक या पुलिस अधिकारी बताकर बातों में उलझा लेते है। ऐसे में उनके इस पैंतरे से फंसने से बचने के लिए सावधानी रखनी जरूरी है। जिले में साइबर ठगी की हर माह 200 से अधिक शिकायत पुलिस थाना पहुंच रहे है।
जबकि इससे कई गुणा मामले ऐसे भी है जिनमें पीड़ित पुलिस को शिकायत तक नहीं करता। इन दिनों टास्क पूरा करने के नाम पर, परिचित बताकर, परिवार में किसी सदस्य पर दुष्कर्म केस का नाम लेकर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर, वर्क फ्राेम होम के नाम ठगी का शिकार बना रहे हैं।
इस तरह करें बचाव
– फोन पर बैंक संबंधित कोई भी जानकारी किसी से साझा न करें।
– किसी भी ऐसे लिंक को क्लिक न करें जो भरोसे के लायक न हो।
– कस्टमर केयर का नंबर कंपनी की अधिकृत वेबसाइट से ही नंबर खोजें।
– सेकेंड हैंड सामान खरीदने से पहले सामान की सत्यता की जांच कर लें।
– लॉटरी और पुरस्कार के चक्कर में न आएं।
पार्ट टाइम जॉब के पास डेढ़ लाख ठगे
साइबर अपराध थाना पुलिस को दी शिकायत में बहल निवासी रेडीमेड कपड़े के दुकानदार ने बताया कि उसके पास 18 फरवरी को व्हाटसएप और टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जाब के लिए मैसेज आया। उसको अधिक रुपये कमाने का लालच दिया और उसका बातों में उलझा लिया। उसने 19 फरवरी को आठ ट्रांजेक्शन करने डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपने रुपये वापस मांगें तो उन्होंने और रुपये की डिमांड की।
बेटे पर झूठा दुष्कर्म केस बताकर 1.45 हजार की धोखाधड़ी
कृष्णा कालोनी निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसके 17 मार्च को व्हाटसएप पर कॉल आई। काल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और कहा कि तुम्हारे बेटे सहित चार युवकों को दुष्कर्म के केस में पकड़ा है। उसने तीन लड़कों को पीटते हुए की वीडियो भी उनके पास भेज दी।
उन्होंने कहा कि तुम्हारा बेटा शरीफ लग रहा है। अगर 50 हजार रुपये दे दो तो तुम्हारे बेटे को छोड़ देंगे। वह डर गया और 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए और फिर मुंशी के नाम के 45 हजार रुपये भी ट्रांसफर करवा लिए गए। फिर उन्होंने मेडिकल जांच में चिकित्सक के लिए डेढ़ लाख रुपये की डिमांड की।
जिस पर उन्होंने 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। वह बाकी के एक लाख रुपये ट्रांसफर करने ही वाला था कि उसका बेटा घर पर आ गया। जिससे उसे पता चला कि झूठे केस में फंसाने का फेक कॉल करके उसे ठगी का शिकायत बनाया है।
दुबई में नौकरी के पास 1.10 लाख की ठगी
गांव कितलाना निवासी मर्चेंट नेवी के जवान ने बताया कि उसकी पोस्टिंग दुबई में थी और उसके बाद काेरोना काल में वह घर आ गया। दुबई में उसकी मुलाकात रफय मिर्जा से हुई थी। घर आने के बाद उसके पास व्हाटसएप नंबर पर कॉल आई, जिसने खुद को मिर्जा बताया और कहा कि यहां पर नौकरी है।
अगर जरूरत है तो वह उसे नौकरी दिलवा देगा। उसने वीजा चार्ज के नाम पर एक लाख 10 हजार रुपये बैंक अकांउट में ट्रांसफर करवा लिए गए। फिर एक सप्ताह तक उनकी कॉल या मैसेज नहीं आए। जब उसने संपर्क करने की कोशिश की तो उसका नंबर ब्लैकलिस्ट में डाला दिया।
अनजान लिंक पर क्लिक करते ही 1.45 लाख निकाले
गांव रुपाणा निवासी पीएनबी के कर्मचारी ने बताया कि उसने 11 मार्च को किसी अनजान लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद 13 मार्च को उसके मोबाइल नंबर से किसी अंजान नंबर पर ऑटो फॉरवर्ड मैसेज जाने लग गए। फिर उसके बैंक खाते से दो ट्रांजेक्शन में 99,999 और 45 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है।
