Bazpur में मदरसा सील, संचालक ने उठाए सवाल ; बोले – रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया थी जारी
प्रयाग भारत, बाजपुर : Bazpur में मदरसा जामिया हनफिया रज़ाउल उलूम के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मदरसे में पहुंचकर अधिकारियों की मौजूदगी में सीलिंग की कार्रवाई की। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल मच गई।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद मदरसा संचालक इरशाद अली ने सीलिंग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि मदरसे के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी थी और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा किया गया था। संचालक के मुताबिक, उनके पास आवेदन से जुड़े दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद भी मौजूद है।
संचालक ने अधिकारियों को दिखाए दस्तावेज
इरशाद अली का कहना है कि जब राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मदरसा सील करने पहुंची, तब उन्होंने अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद दिखाई। उनका आरोप है कि दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद अधिकारियों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया और मदरसे को सील करने की कार्रवाई पूरी कर दी। संचालक अब जानना चाहते हैं कि आखिर किस आधार पर मदरसे को सील किया गया और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कार्रवाई क्यों की गई।
30 सितंबर तक का समय मिलने का दावा
मदरसा संचालक के अनुसार, कुछ समय पहले रुद्रपुर में मदरसों के रजिस्ट्रेशन को लेकर एक बैठक आयोजित की गई थी। उनका दावा है कि बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह बरनाला और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। इरशाद अली के मुताबिक, बैठक में मदरसों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिए जाने की जानकारी दी गई थी। इसी आधार पर उन्होंने अपने मदरसे का रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया शुरू की और निर्धारित शुल्क जमा किया।
प्रशासन के आधिकारिक पक्ष का इंतजार
फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद मदरसा सील है। वहीं, मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह की ओर से कार्रवाई के आधार और नियमों के संबंध में जानकारी दी जानी है। अब पूरे मामले में मुख्य सवाल यही है कि यदि मदरसे की ओर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की गई थी तो सीलिंग की कार्रवाई किस आधार पर की गई। वहीं, यदि प्रशासन को किसी नियम का उल्लंघन मिला था तो उसकी आधिकारिक वजह क्या थी। फिलहाल मदरसा संचालक अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद होने की बात कह रहे हैं। प्रशासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही इस कार्रवाई की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।