उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर तेज हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। रविवार 27 सितंबर को मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल में बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
देहरादून, टिहरी और पौड़ी में रेड अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से जारी चेतावनी के मुताबिक देहरादून, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
चारधाम यात्रा और केदारनाथ हेली सेवा रोकी गई
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए फिलहाल चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है। इसके साथ ही केदारनाथ हेली सेवा भी बंद है। सरकार और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में खराब मौसम और पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए धारचूला तहसील प्रशासन ने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) जारी नहीं करने का निर्णय लिया है।
पहाड़ों में सफर से बचने की अपील
मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान खासकर पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। बारिश के कारण पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की अपील की गई है।
नदी-नालों से दूर रहने की सलाह
लगातार बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और बारिश के दौरान जलस्रोतों के करीब नहीं जाने की अपील की है।
SDRF और JCB की तैनाती
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील इलाकों में SDRF की तैनाती की गई है। जिन स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने की आशंका है, वहां जेसीबी और मशीनरी को तैयार रखा गया है।
हर जिले के आपदा नियंत्रण कक्ष से मौसम और सड़क की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।