पाकिस्तान को कर्ज देने पर IMF की बैठक, भारत जताएगा विरोध
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, नई दिल्ली: भारत के साथ संघर्ष कर रहे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था एक बार फिर ठहने के कगार पर है। इसे गहरे आर्थिक संकट से निकालने के लिए शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठक है। […]
More On prayagbharat
- Champawat Case को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस ने लगाए लीपापोती के आरोप
- Dehradun में रात के अंधेरे में वारदात, Software इंजीनियर को लूटकर नदी में फेंका
- देहरादून में साइबर ठगी का बड़ा मामला, निवेश के नाम पर ठेकेदार ने गंवाए करोड़ों रुपए
- Suvendu Adhikari : पश्चिम बंगाल में BJP नेता शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या, ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला इलाका
- 9 मई (Physics) और 10 मई (Civics) परीक्षा टलने के पीछे आयोग की क्या आधिकारिक वजह सामने आई ?
प्रयाग भारत, नई दिल्ली: भारत के साथ संघर्ष कर रहे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था एक बार फिर ठहने के कगार पर है। इसे गहरे आर्थिक संकट से निकालने के लिए शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठक है।
भारत भी आईएमएफ के प्रबंधन का हिस्सा होने की वजह से इस बैठक में हिस्सा लेगा और पाकिस्तान की आतंकवादी चेहरे को यहां भी बेनकाब करने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा। वैसे भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान को पैकेज मिलने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के पूरे आसार हैं क्योंकि आईएमएफ में दो सबसे बड़े हिस्सेदार देश अमेरिका और चीन की तरफ से किसी विरोध की संभावना नहीं है।
इस स्थिति के बावजूद भारत सदस्य देशों को बताएगा कि सीमा पार आतंकवाद को सरकार की नीति का हिस्सा बनाने वाले पाकिस्तान को वित्तीय पैकेज देने का मतलब वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देना है। शुक्रवार की आइएमएफ की बैठक को लेकर भारत की रणनीति के बारे में संकेत विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दिए।
