देहरादून: पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के आवास पर ईडी का छापा
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, देहरादून: ईडी के छापे से नौकरशाही में हड़कंप पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के आवास पर ईडी का छापा। उत्तराखंड में एनएच-74 मुआवजा घोटाला में भी आरोपी है डीपी सिंह, एनएच-74 घोटाला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, देहरादून-काशीपुर-रुद्रपुर […]
More On prayagbharat
- Suvendu Adhikari : पश्चिम बंगाल में BJP नेता शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या, ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला इलाका
- 9 मई (Physics) और 10 मई (Civics) परीक्षा टलने के पीछे आयोग की क्या आधिकारिक वजह सामने आई ?
- Arvind Pandey Viral Letter: भाजपा में मचा हड़कंप, सच सामने लाने का दबाव
- Roorkee Car Accident: तेज रफ्तार आई-10 ने मारी कई गाड़ियों को टक्कर, चालक पर नशे का शक
- हर की पैड़ी के पास पालतू कुत्ते को गंगा में नहलाने का वीडियो सामने आया
प्रयाग भारत, देहरादून: ईडी के छापे से नौकरशाही में हड़कंप पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के आवास पर ईडी का छापा। उत्तराखंड में एनएच-74 मुआवजा घोटाला में भी आरोपी है डीपी सिंह, एनएच-74 घोटाला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, देहरादून-काशीपुर-रुद्रपुर में अफसरों के ठिकानों पर छापेमारी
एनएच-74 घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। ईडी की टीमें देहरादून, काशीपुर और रुद्रपुर में तड़के ही सक्रिय हो गईं और कई पूर्व व वर्तमान अफसरों के आवासों व ठिकानों पर दबिश दी गई। इसमें एक pcs अफसर भी शामिल है।
प्रवर्तन निदेशालय पिछले कई महीनों से इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है। हालिया छापेमारी उसी जांच का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, ईडी को कुछ नए दस्तावेज और बैंक लेनदेन के सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर यह ताजा कार्रवाई की गई है।
यह छापेमारी यह संकेत देती है कि एजेंसियां एनएच-74 जैसे बड़े घोटालों पर शिकंजा कसने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
राजधानी देहरादून में एनएच- 74 घोटाले के आरोपी पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के आवास पर ईडी की छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। 2017 में एनएच- 74 में करोड़ों रुपए के घोटाले का मामला है। ऐसे में किसानों को मुआवजा देने के फाइल के दस्तावेजों के साथ बैंकिंग दस्तावेजों को ईडी के अधिकारी खंगाल रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस जवान भी तैनात हैं। जमीनों को खुर्दबुर्द करके करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की गई थी, जिसके जांच चल रही है।
