नगर निगमों में पहली बार तैनात होंगे पर्यावरण इंजीनियर, कैबिनेट की मंजूरी
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, देहरादून : प्रदेश के 11 नगर निगमों में पहली बार पर्यावरण इंजीनियर तैनात किए जाएंगे। इनका काम विशेषकर केंद्र सरकार की पर्यावरण संबंधी योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। प्रदेश में केंद्र के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम […]
More On prayagbharat
- रुद्रपुर-हरिद्वार घटना पर विधायक का हस्तक्षेप, डीजीपी को सौंपा पत्र
- बदरीनाथ धाम में विकास कार्यों का निरीक्षण, शासन को दी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
- कानूनी सहायता पर भड़के अज्ञात लोग, त्रिपाठी को दी बम से उड़ाने की चेतावनी
- शिक्षा सामग्री पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत कार्रवाई के दिए आदेश
- रात के सन्नाटे में डीएम की एंट्री, अस्पताल व्यवस्था की परखी हकीकत
प्रयाग भारत, देहरादून : प्रदेश के 11 नगर निगमों में पहली बार पर्यावरण इंजीनियर तैनात किए जाएंगे। इनका काम विशेषकर केंद्र सरकार की पर्यावरण संबंधी योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। प्रदेश में केंद्र के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चल रहे हैं।
केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन करने, निर्धारित मानकों के अनुसार निकायों की ओर से लक्ष्य प्राप्त करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सतत व स्थायी निस्तारण करने, केंद्र की विशेष सहायता योजना के तहत शहरी विकास विभाग में प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत प्रदेश के समस्त 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के 11 पद सृजित किए गए हैं।
हर नगर निगम में एक पर्यावरण इंजीनियर संविदा के आधार पर रखा जाएगा, जिसका नियत मानदेय 80 हजार से 1.30 लाख होगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। शहरी विकास विभाग के मुताबिक, यह पर्यावरण इंजीनियर और हाइड्रोलॉजिस्ट दोनों की भूमिका में होंगे।
वर्तमान में स्वच्छ वायु कार्यक्रम केवल देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर नगर निगमों में चल रहा है। बाकी आठ नगर निगमों में भी जल्द ही यह कार्यक्रम शुरू होगा। इसके अलावा नगर निगमों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एक बड़ी चुनौती हे। इन इंजीनियरों की तैनाती के बाद इस दिशा में भी कुछ बेहतर काम होंगे।
