Uttarakhand

उत्तराखंड कांग्रेस में सुलह की कोशिश, हरीश रावत से हुई अहम बातचीत

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Spread the loveप्रयाग भारत, देहरादून : एक तरफ हरीश रावत के 15 दिन के राजनीतिक अवकाश ने कांग्रेस पार्टी में उथल-पुथल मचा रखी है. दूसरी तरफ हरीश रावत अपनी चिरपरिचित अदा से आम लोगों और पक्ष-विपक्ष के नेताओं से मिल रहे […]

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प्रयाग भारत, देहरादून : एक तरफ हरीश रावत के 15 दिन के राजनीतिक अवकाश ने कांग्रेस पार्टी में उथल-पुथल मचा रखी है. दूसरी तरफ हरीश रावत अपनी चिरपरिचित अदा से आम लोगों और पक्ष-विपक्ष के नेताओं से मिल रहे हैं. आज विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या हरीश रावत से मिलने उनके आवास पर पहुंचे.

हरीश रावत 27 मार्च से राजनीतिक अवकाश पर हैं: पूर्व सीएम और कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता हरीश रावत 27 मार्च से 15 दिवसीय राजनीतिक अवकाश पर हैं. राज्य की राजनीति में ऐसी चर्चा है कि हरीश रावत का ये राजनीतिक अवकाश उनकी नाराजगी है. वो पार्टी हाईकमान को बताना चाहते हैं कि उनकी नाराजगी पार्टी को भारी पड़ सकती है. इसकी बानगी भी पिछले दिनों दिखाई पड़ी. ऐसी चर्चा है कि हरीश रावत रामनगर के नेता संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल करवाना चाहते थे. लेकिन उनकी चाहत को मंजूरी नहीं मिली. इस पर उन्होंने राजनीतिक अवकाश की घोषणा कर दी.

कुंजवाल ने हरीश रावत की नाराजगी का खुलासा किया था: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने जब हरीश रावत की नाराजगी पर कहा था कि हरीश रावत को नाराज करके घर बैठाकर उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार नहीं आ सकती है. हरीश रावत ने उत्तराखंड में कांग्रेस को बहुत कुछ दिया. इसके बावजूद उनके कहने पर संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल भी नहीं किया गया.

कुंजवाल के बयान पर हरक सिंह रावत ने तंज कस दिया था: कुंजवाल का हरीश रावत के समर्थन में ये बयान हरक सिंह रावत को सहन नहीं हुआ और उन्होंने तीखा बयान दे दिया, जिससे हरीश रावत के समर्थक भड़क गए. हरक ने कहा- “किसी को भी यह गलतफहमी या घमंड नहीं होना चाहिए, कि उसके बिना पार्टी जीत नहीं सकती. किसी एक व्यक्ति के रहने या न रहने से पार्टी खत्म नहीं होती है. अगर मुझे यह वहम हो जाए कि हरक सिंह नहीं होगा, तो कांग्रेस की सरकार नहीं आएगी, तो यह मेरी भूल है. हरक ने आगे चुटकी लेते हुए कहा कि हरीश रावत को राजनीति में सब कुछ मिला है. वे ब्लॉक प्रमुख, विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री रहे. अब उनके पास केवल प्रधानमंत्री का पद ही बचा है, ऐसे में उनकी नाराजगी के मायने समझ से परे है.”

हरक के तंज पर हरीश धामी भड़क गए थे: हरक सिंह रावत का ये कहना था कि हरीश रावत के कट्टर समर्थक हरीश धामी भड़क गए. उन्होंने हरक सिंह रावत के बयान की कड़ी निंदा करते हुए हरीश रावत समर्थकों से सामूहिक इस्तीफे का आह्वान कर डाला था. इससे कांग्रेस के नेता तो घबराए ही, उनके साथ गठबंधन बनाकर चल रहे वाम दल भी चिंतित हो गए. सभी एकता बनाए रखने की बात कहने लगे.

कैबिनेट मंत्री की हरीश रावत से मुलाकात पर भी हुई थी चर्चा: इस बीच कैबिनेट मंत्री खजान दास की हरीश रावत से मुलाकात भी सुर्खियों में रही. इस मुलाकात पर लोगों ने हरीश रावत के बीजेपी ज्वाइन करने तक की अटकलें लगा दीं. हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता ने तत्काल सफाई दी कि ये एक शिष्टाचार मुलाकात थी, उससे ज्यादा कुछ नहीं. इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की चुप्पी रहस्य बनी हुई है. 2027 के विधानसभा चुनाव के पहले जब पार्टी पर सबसे बड़ा संकट आया है तो प्रदेश अध्यक्ष की चुप्पी पर काफी चर्चाएं गर्म हैं.

आज यशपाल आर्या ने हरीश रावत से की मुलाकात: बहरहाल आज सोमवार 6 अप्रैल को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने हरीश रावत से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की. हरीश रावत ने इस मुलाकात के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर लिखा-

 

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