Uttarakhand

आपूर्ति विभाग ने की आपात बैठक, चारधाम यात्रा में सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय

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Spread the loveप्रयाग भारत, उत्तराखण्ड: वर्तमान वैश्विक परिदृश्य के मद्देनजर आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडरों की मांग में वृद्धि को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने कमर कस ली है. […]

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प्रयाग भारत, उत्तराखण्ड: वर्तमान वैश्विक परिदृश्य के मद्देनजर आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडरों की मांग में वृद्धि को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने कमर कस ली है. मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के निर्देशों के क्रम में भारत सरकार से कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डरों के अतिरिक्त आवंटन के लिए भारत सरकार से मांग की जाएगी. विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत आकलन करते हुए मांग का निर्धारण किया गया है और भारत सरकार को प्रेषित किए जाने वाले प्रस्ताव के बिंदुओं को अंतिम रूप दे दिया गया है, ताकि यात्रा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधित न हो.

सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में बुधवार को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान संभावित मांग, भंडारण क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन व्यवस्था तथा वितरण तंत्र की विस्तार से समीक्षा की गई.

सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन होता है, जिससे होटल, धर्मशाला, ढाबा, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस सहित अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में एलपीजी गैस की खपत में अत्यधिक वृद्धि दर्ज की जाती है. इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने तेल विपणन कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति को हर स्थिति में सुचारू, संतुलित और निर्बाध बनाए रखा जाए.

चारधाम यात्रा जैसे महत्वपूर्ण अवसर के लिए कंपनियों को अग्रिम योजना के तहत पर्याप्त स्टॉक एवं लॉजिस्टिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रदेश भर में सघन प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रखा जाए. उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. सचिव की ओर से यह भी अवगत कराया गया कि विभाग द्वारा केवल एलपीजी ही नहीं, बल्कि डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता पर भी सतत निगरानी रखी जा रही है. राज्य में ईंधन की आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित कंपनियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि परिवहन, आपातकालीन सेवाओं और आम जनजीवन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.

सचिव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से नवंबर तक की अवधि के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पंजीकृत लगभग 14,901 होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. इस अवधि में इन प्रतिष्ठानों के लिए लगभग 9,67,950 कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डरों की आवश्यकता का आकलन किया गया है. इस व्यापक मांग को ध्यान में रखते हुए अग्रिम रूप से अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया जा रहा है, ताकि यात्रा अवधि के दौरान किसी प्रकार की कमी न हो.

विगत दो-तीन दिनों में ऑयल कंपनियों द्वारा कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डरों की आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है. जहां पूर्व में यह आपूर्ति लगभग 3,000 सिलेण्डर प्रतिदिन थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 6,000 सिलेण्डर प्रतिदिन से ज्यादा कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि विभागीय प्रयासों, सतत निगरानी तथा तेल कंपनियों के साथ प्रभावी समन्वय के चलते मांग और आपूर्ति के मध्य संतुलन स्थापित करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है और आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है.

सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार विभाग द्वारा कालाबाजारी के खिलाफ अभियान निरंतर और सुनियोजित रूप से संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत कालाबाजारी और ओवरचार्जिंग और गैस के दुरुपयोग जैसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रकार की अनियमितताओं के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए नियमित निरीक्षण एवं औचक छापेमारी जारी रखी जाए. 31 मार्च 2026 तक विभिन्न जनपदों में कुल 5,389 निरीक्षण किए गए. 87 स्थानों पर छापेमारी की गई. 16 एफआईआर दर्ज की गईं और सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया.

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