केदारनाथ भूस्खलन में हुई मौतों का आंकड़ा प्रशासन या तो छुपा रहा है या जानबूझकर सार्वजनिक नहीं कर रहा
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, देहरादून : 31 जुलाई की रात को आई आपदा से केदारनाथ पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसमें करीब 15 हजार से ज्यादा यात्री फंस गए थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू भी […]
More On prayagbharat
- 9 मई (Physics) और 10 मई (Civics) परीक्षा टलने के पीछे आयोग की क्या आधिकारिक वजह सामने आई ?
- Arvind Pandey Viral Letter: भाजपा में मचा हड़कंप, सच सामने लाने का दबाव
- Roorkee Car Accident: तेज रफ्तार आई-10 ने मारी कई गाड़ियों को टक्कर, चालक पर नशे का शक
- हर की पैड़ी के पास पालतू कुत्ते को गंगा में नहलाने का वीडियो सामने आया
- Dehradun Nagar Nigam : धामी का बड़ा बयान- देश की प्रगति में श्रमिकों की अहम भूमिका
प्रयाग भारत, देहरादून : 31 जुलाई की रात को आई आपदा से केदारनाथ पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसमें करीब 15 हजार से ज्यादा यात्री फंस गए थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू भी किया गया। लेकिन प्राकृतिक आपदा से कितने लोगों की मौत हुई है। इसमें प्रशासन या तो आंकड़ा छुपा रहा है या जानबूझकर सार्वजनिक नहीं कर रहा है।
आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार रुद्रप्रयाग जनपद में प्राकृतिक आपदा से केवल 6 लोगों की मौत हुई है और एक भी लापता नहीं है। लेकिन हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने प्रतिनिधि के तौर पर कर्नल कोठियाल को केदारनाथ में निरीक्षण के लिए भेजा था। उन्होंने स्थिति का आकलन किया।
वहीं कोठियाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि करीब 27 लोग मिसिंग हुए थे, जिनमें से 7 लोगों के शव बरामद हुए है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन की टीमें उन को ढूंढने का लगातार प्रयास कर रही है।
