‘कर्ज के बोझ तले दब रहा है उत्तराखंड’-यशपाल आर्य का तीखा बयान
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, देहरादून : नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश के ऊपर बढ़ते कर्ज को लेकर धामी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, वर्ष 2016-17 में जहां राज्य पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, वहीं […]
More On prayagbharat
- देहरादून रोड पर इलेक्ट्रिक स्कूटी बनी आग का गोला, मची अफरा-तफरी
- रुड़की में भीषण सड़क हादसा : कंपनी की बस ने बाइक को मारी टक्कर, दो मजदूरों की मौत
- हरिद्वार में सूखी नदी बनी आफत, तेज बहाव में बहीं दो कारें ; पुलिस ने रेस्क्यू कर निकाला
- चकराता में दर्दनाक सड़क हादसा : अनियंत्रित कार पलटी, 24 वर्षीय युवक की मौत
- बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी केस: मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल 31 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर, जांच तेज
प्रयाग भारत, देहरादून : नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश के ऊपर बढ़ते कर्ज को लेकर धामी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, वर्ष 2016-17 में जहां राज्य पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, वहीं वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. यह स्थिति केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ है.
आगे यशपाल आर्य ने कहा, राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के अनुसार कर्ज को राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के 25 प्रतिशत तक सीमित रखा जाना चाहिए, लेकिन उत्तराखण्ड इस सीमा को वर्ष 2019-20 में ही पार कर चुका है. स्थिति इतनी चिंताजनक हो गई है कि आए दिन ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं कि सरकार को कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए भी खुले बाजार से कर्ज लेना पड़ रहा है
आगे उन्होंने ये भी कहा कि अगर किसी राज्य की वित्तीय स्थिति इस स्तर तक पहुंच जाए कि उसे वेतन देने के लिए भी कर्ज लेना पड़े, तो यह शासन की वित्तीय नीतियों पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है.