Jhabua में सगाई की खुशियां बदलीं मातम में, पूर्व सरपंच की हत्या से गांव में सन्नाटा
प्रयाग भारत, झाबुआ : मध्य प्रदेश के झाबुआ में शुक्रवार को पसरा सन्नाटा और बिखरा हुआ सामान उस खौफनाक मंजर की गवाही दे रहा है, जिसने एक हंसते-खेलते सगाई समारोह को मातम और दहशत में बदल दिया। बुधवार शाम शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ा कि दशकों पुरानी रंजिश ने पूर्व सरपंच बापू वाखला की जान ले ली। इस घटना के बाद से गांव में इस कदर आक्रोश और बदले की आग का डर है कि आरोपी पक्ष के साथ-साथ वह परिवार भी घर-बार छोड़कर भाग निकला है, जिसके यहां खुशियों की शहनाई बजने वाली थी। वर्तमान में पूरे इलाके में केवल पुलिस की आहट सुनाई दे रही है और चारों तरफ वीरानी छाई हुई है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब गांव के ही एक परिवार में सगाई का कार्यक्रम चल रहा था। बापू वाखला और चिलिया वाखला के परिवारों के बीच वर्षों पुरानी दुश्मनी को देखते हुए आयोजकों ने सावधानी बरतते हुए दोनों पक्षों को आमंत्रित नहीं किया था। इसी बात से नाराज होकर जब दोनों गुट आमने-सामने आए, तो सुलह के लिए एक बैठक आयोजित की गई। लेकिन शांति की यह कोशिश जल्द ही गाली-गलौज, पत्थरबाजी और तीर-कमान के हमलों में तब्दील हो गई।
पूर्व सरपंच की मौत, 3 घायल
इसी आपाधापी के बीच बंदूक से हुई फायरिंग के छर्रे बापू वाखला के सिर और सीने में जा धंसे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हिंसक हमले में तीन अन्य ग्रामीण-जुवान सिंह, विक्रम और मकना भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि नब्बु वाखला, चीलीया वाखला और उनके साथियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत हथियारों से लैस होकर इस वारदात को अंजाम दिया। गुरुवार को भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में गमगीन माहौल के बीच पूर्व सरपंच का अंतिम संस्कार किया गया।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिनमें हत्या और दंगा भड़काने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं, के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि फरार अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। फिलहाल पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण सुरक्षा के डर से अपने घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं।
