Uttarakhand

Guptkashi विश्वनाथ मंदिर में पुजारी नियुक्ति को लेकर विवाद, रावल ने दी अनशन की चेतावनी

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प्रयाग भारत, रुद्रप्रयाग : Guptkashi जिले के प्रसिद्ध गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारी नियुक्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा जारी नियुक्ति आदेश के विरोध में केदारनाथ धाम के रावल भीमा शंकर लिंग खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने इस फैसले को मंदिर की परंपराओं के खिलाफ बताते हुए आमरण अनशन की चेतावनी दी है।

जानकारी के अनुसार, मंदिर में लंबे समय से पूजा-अर्चना कर रहे पुजारी शांत लिंग का स्थानांतरण ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ कर दिया गया है। उनकी जगह ईश्वर लिंग की नियुक्ति का आदेश बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी की ओर से जारी किया गया। इस फैसले के बाद धार्मिक परंपराओं और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर विवाद गहरा गया है।

केदारनाथ रावल भीमा शंकर लिंग का कहना है कि केदारनाथ परंपरा के तहत पंच पुजारियों की नियुक्ति हमेशा रावल की संस्तुति पर ही की जाती रही है। उनका आरोप है कि इस बार बिना अनुमति और संस्तुति के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए, जो वर्षों पुरानी धार्मिक व्यवस्था के विपरीत है।

रावल ने यह भी कहा कि शांत लिंग की नियुक्ति भी उनकी संस्तुति के आधार पर हुई थी और मंदिर में सभी धार्मिक अनुष्ठान परंपरागत विधि-विधान के अनुसार संपन्न हो रहे थे। ऐसे में अचानक नई नियुक्ति करना परंपरा में हस्तक्षेप माना जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे।

मामले को लेकर रावल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रागड़ ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया प्रशासनिक नियमों के तहत की गई है और सभी पक्षों से बातचीत कर परंपराओं के अनुरूप समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

यह मामला अब केवल पुजारी नियुक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धार्मिक परंपराओं और प्रशासनिक अधिकारों के बीच संतुलन का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

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