लक्ष्मणपुरी में धार्मिक ढांचा हटाने पर विरोध, हाईवे जाम
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प्रयाग भारत, मसूरी : Mussoorie देहरादून जिले के मसूरी स्थित लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में शनिवार को एक धार्मिक ढांचे को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन करते हुए कुछ समय के लिए यातायात बाधित कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वह वर्षों से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग में था। उनका दावा है कि यह स्थान लगभग 200 वर्ष पुराना है और यहां उनके पूर्वजों को दफनाया गया है। समुदाय के लोगों ने यह भी कहा कि प्रशासन जिस संरचना को मस्जिद बता रहा है, वह नियमित नमाज के लिए प्रयुक्त मस्जिद नहीं, बल्कि अंतिम संस्कार के बाद नमाज-ए-जनाजा अदा करने के लिए बनाया गया टीनशेड था।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी भावनाओं और पक्ष को पर्याप्त महत्व दिए बिना कार्रवाई की। उनका कहना था कि यदि भूमि सरकारी थी, तो इतने वर्षों तक इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने धार्मिक मामलों में संवाद और सहमति के आधार पर समाधान निकालने की मांग की।
वहीं, प्रशासन ने कार्रवाई को पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया। एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के अनुसार संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद मसूरी की है और न तो यह वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और न ही किसी निजी व्यक्ति या समुदाय के स्वामित्व में है।
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड के अभिलेखों की संयुक्त जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित संरचना पालिका की भूमि पर बनी थी और अतिक्रमण की श्रेणी में आती थी। प्रशासन की ओर से संबंधित पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में नियमानुसार कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और स्थिति अब नियंत्रण में है।