भारतीय सेना की बटालियन का सैन्य अभ्यास; भारत-अमेरिका के सैनिक पूर्वी तट पर आजमा रहे ताकत-तकनीक
प्रयागभारत, नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच तीनों सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास हो रहा है। इसका मकसद युद्ध कौशल निखारना और जटिल चुनौतियों से निपटने के प्रभावी तरीके विकसित करना है। अभ्यास में शामिल भारतीय सेना के बटालियन समूह में 700 से अधिक कर्मी शामिल हैं। सूत्रों ने बुधवार को बताया कि भारत और अमेरिका के बीच चल रहे ट्राई सर्विस एक्सरसाइज – ‘टाइगर ट्रायम्फ -24’ में भाग ले रहे सैनिक पूर्वी समुद्री तट पर सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। 14 दिवसीय अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इसमें विशाखापत्तनम में बंदरगाह चरण और उसके बाद काकीनाडा में समुद्री चरण शामिल है।
31 मार्च तक चलेगा सैन्य अभ्यास; भारत-अमेरिका के सैनिकों का आपसी तालमेल को बेहतर बनाने पर फोकस
सेना ने कहा, 18-31 मार्च तक चलने वाले इस सैन्य अभ्यास का मकसद सैनिकों को मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) के लिए और बेहतर तरीके से तैयार करना है। सेना के मुताबिक थल सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच कैसे अंतरसंचालन को बेहतर बनाया जाए, इसकी संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इसके अलावा दोनों देशों की सेनाओं के बीच तेज और सुचारु समन्वय को सक्षम बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को और बेहतर बनाने पर भी काम हो रहा है।
किन उपकरणों और तकनीकों से जुड़े अभ्यास हो रहे हैं
अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेना नए खरीदे गए या हाल ही में शामिल किए गए हथियारों और अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं का प्रदर्शन करते हैं। भारतीय सेना की टुकड़ी में पैदल सेना, मशीनों से लैस पैदल सेना, पैरा (विशेष बल), तोपखाने, इंजीनियों और अन्य सहायक हथियारों के घटक शामिल हैं। इसके अलावा ड्रोन, एंटी- ड्रोन उपकरण और आईसीवी (पैदल सेना लड़ाकू वाहन) की मिश्रित प्रणालियों से जुड़े अभ्यास भी किए जा रहे हैं।
अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों की ये गतिविधियां बेहद अहम
इस अभ्यास में विशेषज्ञों के बीच आदान-प्रदान किया जा रहा है। भारतीय और अमेरिकी सैनिक क्रॉस-बोर्ड यात्राएं कर रहे हैं। सैनिकों के बीच सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए मैत्रीपूर्ण खेल मैच भी शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी रक्षा बलों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान दोनों देशों के बीच संयुक्त परिचालन क्षमता और खुफिया जानकारी साझा की जा रही है।
