Uttarakhand: गलत जानकारी देकर CTET में आवेदन करने वाले शिक्षकों पर सख्ती, विभाग ने NOC पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। निर्धारित समयसीमा के भीतर पात्रता प्राप्त नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा और पदोन्नति पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे कम शेष है, उन्हें इस अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई है।
इसी बीच विभाग के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कुछ शिक्षक वर्तमान नियमों के तहत CTET में बैठने के लिए पात्र नहीं होने के बावजूद आवेदन प्रक्रिया पूरी कर रहे थे। आरोप है कि कुछ आवेदकों ने अपनी शैक्षिक योग्यता और प्रशिक्षण संबंधी विवरण में वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी प्रस्तुत की।
शिक्षा विभाग को यह भी जानकारी मिली कि कुछ शिक्षकों की पात्रता की स्थिति स्पष्ट किए बिना एनओसी जारी कर दी गई थी। इसके चलते संबंधित आवेदनों की वैधता पर सवाल उठने लगे। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पूर्व में जारी एनओसी को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवेदनों और पात्रता संबंधी दस्तावेजों की पुनः जांच की जाए। उप शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि केवल पात्र शिक्षकों के मामलों को आवश्यक संस्तुति के साथ आगे भेजा जाए।
सूत्रों के अनुसार कुछ अन्य जिलों में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, जहां पात्रता को लेकर जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि नियमों के अनुरूप पात्र पाए जाने वाले शिक्षकों को ही आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।