Uttarakhand

देहरादून-ऋषिकेश में ED की बड़ी कार्रवाई, हवाला और विदेशी मुद्रा लेनदेन के शक में कई फॉरेक्स कंपनियों पर छापे

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प्रयाग भारत, देहरादून : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तराखंड में विदेशी मुद्रा के कथित अनियमित कारोबार और हवाला लेनदेन की आशंका को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। फेमा (FEMA) के तहत ईडी की देहरादून शाखा ने बुधवार को देहरादून और ऋषिकेश स्थित कई लाइसेंसधारी फॉरेक्स कंपनियों और उनसे जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 88.56 लाख रुपये मूल्य की विदेशी और भारतीय मुद्रा के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए।

ईडी के अनुसार शुरुआती जांच में पता चला कि कुछ फुल-फ्लेज्ड मनी चेंजर्स (FFMCs), उनकी फ्रेंचाइजी और सहयोगी संस्थान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों तथा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों का कथित उल्लंघन करते हुए विदेशी मुद्रा का लेनदेन कर रहे थे। आरोप है कि कई मामलों में बिना अनिवार्य KYC, आवश्यक दस्तावेज और बिलिंग प्रक्रिया पूरी किए विदेशी मुद्रा का आदान-प्रदान किया गया।

कार्रवाई के दौरान गंगा फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड, जेपीजेएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, अल्पाइन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड, जय जीन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड सहित इनके सहयोगी संस्थानों और संचालकों के कार्यालयों व आवासों की तलाशी ली गई।

छापेमारी में ईडी ने अमेरिकी डॉलर (USD), यूरो (EURO), ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD), थाई बहत (THB) समेत विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 54.58 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 33.98 लाख रुपये की बेहिसाबी भारतीय नकदी, मोबाइल फोन, दस्तावेज और विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी कब्जे में लिए गए हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्यों से घरेलू और विदेशी संपर्कों के जरिए संचालित एक संभावित अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान कई स्थानों पर उपलब्ध विदेशी मुद्रा के वास्तविक स्टॉक और रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों के बीच अंतर भी पाया गया, जिससे रिकॉर्ड रखरखाव में गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।

ईडी ने यह भी बताया कि कुछ फ्रेंचाइजी केंद्रों पर विदेशी मुद्रा खरीद-बिक्री से जुड़े अनिवार्य रिकॉर्ड, ग्राहकवार विवरण, KYC दस्तावेज और एनकैशमेंट प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले। जबकि RBI के नियमों के अनुसार ऐसे रिकॉर्ड का संधारण करना अनिवार्य है।

फिलहाल ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है। एजेंसी का उद्देश्य पूरे वित्तीय नेटवर्क, उससे जुड़े व्यक्तियों, लेनदेन के लाभार्थियों और FEMA सहित अन्य कानूनों के संभावित उल्लंघनों की पूरी पड़ताल करना है।

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