Delhi हाईकोर्ट ने यूथ कांग्रेस को दिया झटका, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति पर 12 अक्टूबर को सुनवाई
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प्रयाग भारत , नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देने के दिल्ली पुलिस के फैसले को चुनौती देने वाली यूथ कांग्रेस की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तारीख तय की है।
यूथ कांग्रेस की ओर से पेश वकील ने शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख करते हुए मामले पर उसी दिन सुनवाई करने का अनुरोध किया था। हालांकि, अदालत ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की और 12 अक्टूबर को सुनवाई करने का आदेश दिया।
उदय भानु चिब ने दायर की है याचिका
यह याचिका यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की ओर से दायर की गई है। इसमें दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
याचिका के मुताबिक, यूथ कांग्रेस ने 25 सितंबर को दिल्ली पुलिस से लगभग 100 से 150 लोगों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। संगठन ने अपने आवेदन में भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित सभी कानूनी शर्तों का पालन किया जाएगा।
प्रदर्शन की प्रस्तावित तारीख पर ही मिली जानकारी
याचिका में दावा किया गया है कि अनुमति के लिए बार-बार संपर्क करने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने 1 अक्टूबर को ही आवेदन खारिज किए जाने की जानकारी दी। याचिका के अनुसार, यही प्रदर्शन के लिए प्रस्तावित पहली तारीख भी थी।
यूथ कांग्रेस ने पुलिस के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सभाओं और प्रदर्शनों को नियंत्रित करने की पुलिस की शक्ति का अर्थ यह नहीं है कि उचित और अलग-अलग परिस्थितियों का आकलन किए बिना किसी कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लगा दी जाए।
मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का तर्क
याचिका में दलील दी गई है कि दिल्ली पुलिस का फैसला संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 19(1)(बी) के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इनमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने का अधिकार शामिल है।
यूथ कांग्रेस ने यह भी कहा है कि विरोध-प्रदर्शन और सभाओं से संबंधित दिशा-निर्देशों को बिना उचित विचार-विमर्श के लागू करना मनमाना है।
अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट 12 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर आगे विचार किया जाएगा।