Uttara Pradesh

 महंगे सोने से राहत दे सकती है नौ कैरेट की ज्वेलरी, सरकार से एचयूआइडी नंबर शुरू करने की मांग

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Spread the loveप्रयागभारत, प्रयागराज। सोने और चांदी की कीमतों में इधर कुछ समय से जबरदस्त तेजी आई है। इसके सोने-चांदी की कीमत उच्चतम शिखर पर है। चांदी जहां करीब 88 हजार रुपये प्रतिकिलो है, वहीं दस ग्राम सोना लगभग 72 हजार […]

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प्रयागभारत, प्रयागराज। सोने और चांदी की कीमतों में इधर कुछ समय से जबरदस्त तेजी आई है। इसके सोने-चांदी की कीमत उच्चतम शिखर पर है। चांदी जहां करीब 88 हजार रुपये प्रतिकिलो है, वहीं दस ग्राम सोना लगभग 72 हजार में है। इसके चलते इसे खरीद पाना आमजन की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं।

लगातार चढ़ते दाम से ग्राहक परेशान हैं और इसका परिणाम यह है कि सराफा बाजार में सन्नाटे जैसा आलम है। इसी सब को देखते हुए सराफा कारोबारियों ने सरकार से नौ कैरेट ज्वेलरी के लिए हॉलमार्किंग यूनीक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआइडी) नंबर शुरू करने की मांग की है। इस कदम का उद्देश्य यह है कि सोना-चांदी खरीदने में लोगों को राहत मिल सके।

सोने-चांदी की कीमत लगातार आसमान छू रही है। पांच दिन पहले एक किलो चांदी का दाम 90 हजार रुपये पार कर गया था, जबकि दस ग्राम सोने की कीमत भी 74 हजार से अधिक हो गई थी। हालांकि दो दिन बाद इसकी कीमत कुछ कम हुई।

आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है सोने की बढ़ती कीमतें

सराफा कारोबारी प्रिया सिंह, संजय गुप्ता का कहना है कि बढ़ती कीमत से सोने-चांदी आम लोगों के पहुंच से दूर होता जा रहा है। ऐसे में सरकार से नौ कैरेट की ज्वेलरी को चलन में लाने की मांग की गई है। सुधीर सिंह, पंकज सिंह की मानें तो नौ कैरेट का सोना बाजार में लाने से सरकार को कोई परेशानी नहीं होगी, साथ ही लोगों को भी राहत मिलेगी।

इलाहाबाद ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश सिंह का कहना है कि दोनों कीमती धातुओं के दाम हाल में बहुत तेजी से बढ़े हैं। नौबत यह आ गई है कि अब सोना-चांदी आम लोगों की पहुंच से बाहर निकल गए हैं। इसे ध्यान में रखते हुए नौ कैरेट के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग की अनुमति देने की मांग सरकार से की गई है। नौ कैरेट ज्वेलरी में कास्टिंग ज्वेलरी, डायमंड सेट, रत्न जड़ित अगूंठी, हार आदि बनाए जाते हैं।

25 से 28 हजार होगी कीमत

नौ कैरेट सोने की कीमत 25 से 28 हजार रुपये प्रति दस ग्राम हो सकती है। हालांकि, यह तब होगा जब सरकार से इसके लिए हॉलमार्किंग को मंजूरी मिल जाती है। अगर ऐसा होगा तो लोग अपने बजट के मुताबिक आभूषण खरीद सकेंगे।

हालमार्किंग से यह होता है लाभ

हॉलमार्किंग से यह स्पष्ट रहता है कि आप जो सोना व चांदी खरीद रहे हैं, वह निर्दिष्ट शुद्धता का है। इसमें किसी प्रकार की धोखाधड़ी और मिलावट नहीं हो सकती। इसलिए लगातार लोगों से यही कहा जाता है कि जब भी वह आभूषण खरीदें, उस पर हॉलमार्किंग जरूर देख लें।0

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