अभी नहीं खुलेगी गजरौला के इस नामचीन होटल पर लगी सील, मतगणना के बाद होगी अगली कार्रवाई; कढ़ाई पनीर में मिला था…
प्रयागभारत, अमरोहा। हवेली होटल पर लगाई गई सील अभी नहीं खुलेगी। मतगणना के बाद इस मामले में अधिकारी अगला कदम उठा सकते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कढ़ाई पनीर ग्रेवी व काजू सब्जी की ग्रेवी के दो नमूने भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विभागीय अधिकारी कोर्ट में वाद दायर कराएंगे। बहरहाल, विभाग ने होटल व ढाबा संचालकों को खाना बनाते व पराेसते समय सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
बीते दिन राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा (उत्तराखंड) के निदेशक श्रीश कुमार के शाकाहारी खाने में हड्डी निकली थी। वह बेटे हर्ष के साथ दिल्ली जाते हुए गजरौला के नामचीन होटल हवेली पर खाना खाने के लिए ठहरे थे।
पूर्व सांसद का है होटल
सीनियर पीसीएस अधिकारी श्रीश कुमार ओडिशा की बारगढ़ लोकसभा सीट के मतगणना आब्जर्वर हैं। यह होटल पूर्व सांसद हरीश नागपाल का है। कढ़ाई पनीर में हड्डी निकलने के बाद उन्होंने स्टाफ से नाराजगी जताई थी और स्थानीय अफसरों को अवगत कराया था। इसके बाद मंडी धनौरा एसडीएम चंद्राकांता, प्रभारी निरीक्षक हरीश वर्धन सिंह व खाद्य विभाग की टीम होटल पहुंच गई थी। जिसके बाद उसको सील कर दिया था। आननफानन में की गई इस कार्रवाई से हर कोई दंग रह गया था।
सहायक खाद्य आयुक्त वीके अग्रवाल ने बताया कि होटल से कढ़ाई ग्रेवी व काजू सब्जी ग्रेवी के दो नमूने भरकर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। उनके आने के बाद ही मामले में वाद दायर किया जाएगा। इधर प्रशासन का कहना है कि अभी सील लगी रहेगी। मतगणना के बाद ही मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।
यह है नियम
यदि स्वास्थ्य के लिए कोई हानिकारक चीज नहीं है तो सबसे पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम उसका नमूना भरती है और जांच के लिए भेजती है। यदि जांच में मिलावट या गड़बड़ी मिलती है तो उसका वाद दायर कराया जाता है। इसमें कोर्ट जुर्माना लगाने की कार्रवाई करती है। यदि स्वास्थ्य के लिए कोई चीज हानिकारक होती है तो उसको सील किया जाता है और नमूने भरकर जांच को भेजे जाते हैं। जांच रिपोर्ट आने पर ही उसमें वाद दायर किया जाता है।
कोई भी पीड़ित करा सकता कार्रवाई
हवेली होटल में जो कुछ हुआ, वह एक अधिकारी से जुड़ा हुआ मामला था। यदि किसी आम आदमी के साथ ऐसा कुछ हो जाता तो उसके लिए भी न्याय के दरवाजे खुले हैं। सहायक खाद्य आयुक्त का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित को उपभोक्ता फोरम की शरण लेनी पड़ेगी। उपभोक्ता फोरम ही ऐसे मसलों में निर्णय लेगी। शिकायत पर विभाग सिर्फ नमूने जांच को भर सकता है। जांच रिपोर्ट पर ही वह अगली कार्रवाई करेगा।
डीएम आरके त्यागी के अनुसार, इस समय मतगणना की तैयारियां चल रही हैं। इसलिए अभी होटल सील रहेगा। उसके निपटने के बाद ही प्रकरण में कोई निर्णय लिया जाएगा। नियमानुसार जो कार्रवाई होगी वही, अमल में लाई जाएगी।
