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14 साल बाद बदले सक्ती है ब्रिटेन में चुनाव की सत्ता।

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एजेंसी, नई दिल्ली।  ब्रिटेन में आज आम चुनाव होने जा रहे हैं। लाखों लोग चुनाव के लिए वोट करने जा रहे हैं,ये चुनाव ब्रिटिश राजनीति को नया रूप दे सकते हैं। पिछले 14 साल से कंजर्वेटिव पार्टी  में शासन कर रही है। अब 14 साल बाद उम्मीद जताई जा रही है कि लेबर पार्टी नई सरकार बना सकती है।

वोटिंग पोल के मुताबिक, लेबर पार्टी को 400 से ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद है, 1997 में, पूर्व प्रधान मंत्री और लेबर पार्टी के नेता टोनी ब्लेयर ने 418 सीटें जीतीं, जिससे 18 साल के कंजर्वेटिव शासन का अंत हो गया था।

326 सीटें जीतनी होगी

यूके फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट चुनावी प्रणाली के तहत काम करता है जहां मतदाता 650 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। ब्रिटेन में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 326 सीटें जीतनी होंगी। यदि कोई पार्टी बहुमत पाने में विफल रहती है, तो मौजूदा प्रधान मंत्री को गठबंधन सरकार बनाने का पहला अवसर मिलता है। लेबर पार्टी, कंजर्वेटिव पार्टी, लिबरल डेमोक्रेट, रिफॉर्म यूके, स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी), और ग्रीन पार्टी देश के राजनीतिक पहलू में कुछ प्रमुख राजनीतिक दल हैं।

कौन- कौन सी पार्टी है मैदान में?

बता दें कि मुख्य राजनीतिक दलों में प्रधान मंत्री ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी, कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी, एड डेवी के नेतृत्व वाली लिबरल डेमोक्रेट, निगेल फराज के नेतृत्व वाली रिफॉर्म यूके, जॉन स्विनी के नेतृत्व वाली स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) और ग्रीन शामिल हैं। पार्टी का सह-नेतृत्व कार्ला डेनियर और एड्रियन रामसे ने किया।

क्या है वोटिंग की प्रक्रिया?

एक बार नतीजे घोषित होने के बाद, सबसे अधिक वोट पाने वाली पार्टी के नेता को प्रधान मंत्री नियुक्त किया जाएगा। वोटों की गिनती के बाद ब्रिटेन के राजा (वर्तमान में किंग चार्ल्स तृतीय) बहुमत दल के नेता को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। बता दें कि चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद 30 मई को मौजूदा संसद भंग कर दी गई थी।

 

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