पीसीएस अफसर की पत्नी भाजपा छोड़ कांग्रेस से लड़ चुकी हैं चुनाव
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प्रयाग भारत, बरेली : उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-74 के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में हुए घोटाले में फंसे पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह की पत्नी अलका सिंह ने 2022 में कांग्रेस के टिकट पर बिथरी चैनपुर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त मिली थी और मात्र 1482 वोट ही हासिल कर सकी थीं।
पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह की पत्नी अलका सिंह पहले भाजपा में महिला मोर्चा की पदाधिकारी थीं, लेकिन जब पार्टी ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया तब वह कांग्रेस से जुड़ गईं और दिल्ली जाकर प्रियंका गांधी से मिलकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से टिकट हासिल कर लिया। अलका सिंह ने 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान बतौर कांग्रेस प्रत्याशी नामांकन कराने के दौरान अपनी संपत्ति को लेकर शपथपत्र दिया था।
इस शपथपत्र के अनुसार अलका सिंह ने अपनी संपत्ति चार करोड़ रुपये से अधिक दिखाई थी। इसमें अपने पास 540 ग्राम सोना और दो किलो चांदी के साथ पति के पास 400 ग्राम सोना भी दिखाया था। पोस्ट ग्रेजुएट अलका सिंह एडवोकेट भी हैं। उन्होंने चुनाव खर्च के रूप में करीब 13 लाख 23 हजार से अधिक रुपये खर्च होने का शपथपत्र भी जमा किया था। अलका सिंह इंटरनेशनल सिटी कालोनी में रहती हैं। चुनाव में उन्हें 1482 वोट ही मिले थे।
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के देहरादून के राजपुर स्थित निवास, बरेली के इंटरनेशनल सिटी कालोनी स्थित आवास सहित अन्य ठिकानों पर छापा मारा है। ईडी ने 5 अगस्त 2022 को डीपी सिंह सहित सात आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में पाया था कि इन आरोपियों ने 7.99 करोड़ रुपये अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) के रूप में अवैध रूप से कमाया था। ईडी इस मामले में लगातार साक्ष्यों को जुटा रही है ताकि दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जा सके।
