जमानत के बाद भी नहीं हुए रिहा’ सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
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प्रयाग भारत, दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने धर्मांतरण रोधी कानून के तहत दर्ज एक मामले में 29 अप्रैल को जमानत पाने वाले एक आरोपी को रिहा करने में देरी के लिए बुधवार को उत्तर प्रदेश के जेल अधिकारियों की आलोचना की। न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 24 जून को जिला जेल गाजियाबाद से रिहा किए गए आरोपी को पांच लाख रुपये का मुआवजा दे।