फर्जी दस्तावेजों के सहारे वर्षों से रह रहा बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
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प्रयाग भारत, देहरादून : उत्तराखंड की देहरादून पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बांग्लादेशी नागरिक मामून हसन (28) और उसकी लिव-इन पार्टनर रीना चौहान निवासी उत्तराखंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर देहरादून में रह रहा था और एक स्थानीय क्लब में बाउंसर का काम कर रहा था।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे वर्षों से रह रहा था
जांच में सामने आया है कि रीना चौहान ने अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम और पते का इस्तेमाल करके मामून के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवाए। इन दस्तावेजों की मदद से मामून ने न सिर्फ भारत में रहना जारी रखा, बल्कि स्थायी पहचान भी बना ली।
फेसबुक पर हुई थी मुलाकात
पुलिस के अनुसार, दोनों की मुलाकात फेसबुक पर हुई थी। वर्ष 2019, 2020 और 2021 में मामून टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। वर्ष 2022 में दोनों भारत-बांग्लादेश सीमा को अवैध तरीके से पार कर बांग्लादेश गए, जहाँ उन्होंने निकाह किया।इसके बाद दोनों फिर बिना वैध दस्तावेजों के गैर-कानूनी तरीके से भारत लौट आए।
अलकनंदा एन्क्लेव से गिरफ्तार
गुप्त सूचना पर पुलिस और LIU टीम ने अलकनंदा एन्क्लेव में छापेमारी की और दोनों को हिरासत में लिया। छापेमारी के दौरान टीम को आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य अहम दस्तावेज मिले हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी दस्तावेज बनाने में कौन-कौन शामिल था और क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसी मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच कर रही है।