दिल्ली में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एक्शन और उसकी टाइमिंग पर सवाल खड़े किए
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प्रयाग भारत, लखनऊ : लखनऊ में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने दिल्ली की हालिया बुलडोजर की घटना को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है.
उन्होंने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा बुधवार तड़के रामलीला मैदान–तुर्कमान गेट क्षेत्र में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए गए अभियान पर सवाल उठाते हुए संगठन ने कार्रवाई के तरीके और समय पर आपत्ति दर्ज की है.
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निजामी ने कहा कि यह एक गंभीर सवाल है कि जब भी प्रशासन सड़क चौड़ीकरण या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है, तो बुलडोजर मस्जिदों और दरगाहों के आसपास ही क्यों चलता दिखाई देता है.
उन्होंने कहा कि यह महज इत्तेफाक है या किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा, इस पर गंभीर मंथन की जरूरत है.
मौलाना सुफियान ने कहाकि अब जो वीडियो सामने आ रहे हैं, उनमें पथराव की बातें कही जा रही हैं, ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि दोषियों की सही पहचान की जाए.
उन्होंने कहा कि किसी को भी संविधान को अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. विरोध दर्ज कराने का एक संवैधानिक तरीका होता है और यदि किसी को आपत्ति है, तो उसे कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए.
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बुलडोजर और पथराव की आड़ में किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना बड़ी नाइंसाफी होगी. इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने मांग की है कि प्रशासन संवेदनशील मामलों में संयम, संवाद और संविधान के दायरे में रहकर कदम उठाए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे.
