ईद-उल-फितर पर ईदगाह समेत शहर की मस्जिदों में अदा हुई नमाज़
Summary
Spread the love ईदगाह समेत शहर भर की मस्जिदों में अदा की गई ईद-उल-फितर की नमाज़। एक दूसरे को गले मिलकर दी ईद की मुबारकबाद। मुल्क-ए-हिंदुस्तान की तरक्की और खुशहाली समेत फिलिस्तीन व मस्जिदें अक्सा की हिफाज़त के लिए दुआ। […]
- ईदगाह समेत शहर भर की मस्जिदों में अदा की गई ईद-उल-फितर की नमाज़।
- एक दूसरे को गले मिलकर दी ईद की मुबारकबाद।
- मुल्क-ए-हिंदुस्तान की तरक्की और खुशहाली समेत फिलिस्तीन व मस्जिदें अक्सा की हिफाज़त के लिए दुआ।
- तीस रोज़ो का इनाम है ईद उल फितर का त्यौहार।
प्रयाग भारत, बरेली : आज देश भर में ईद-उल-फितर का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही बच्चों और बड़ों ने नए-नए कपड़े पहनकर मस्जिदों और ईदगाह का रुख किया। रमज़ान के पूरे महीने इबादत कर ईद की खुशियां मनाई। ईद की नमाज़ अदा कर एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
मस्जिदों में इमामों ने मिल्लत की खुशहाली के साथ मुल्क-ए-हिंदुस्तान की तरक्की और मस्जिदें अक्सा व फिलिस्तीन के मुसलमानो के लिए खुसूसी दुआ की। शहर में मुख्य नमाज़ बाकरगंज स्थित ईदगाह में साढ़े दस (10.30) बजे ग्रैंड मुफ़्ती मुफ़्ती असजद रज़ा क़ादरी (असजद मिया) ने अदा करायी। नमाज़ के बाद ख़ुत्बा पढ़ा उसके बाद ख़ुसूसी दुआ की। सभी से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर काज़ी ए हिंदुस्तान के दामाद व जमात रज़ा मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन ख़ान (फरमान मियाँ) ने भी सबको गले मिलकर मुबारकबाद देते हुए कहा कि हमारे मुल्क में अमन भाईचारा कायम रहे। रोजेदार जिस तरह रमज़ान में इबादत में मशगूल रहे उसी तरफ ईद के बाद भी अपने रब की इबादत करे।

यहाँ की व्यवस्था ईदगाह कमेटी के खलील अहमद, हबीब हुसैन, महताब अली, शादाब हुसैन, महबूब अंसारी, आमिर खान आदि ने संभाली। लोगो ने नमाज़ अदा कर कब्रिस्तान जाकर अपने पुरखों के लिए फातिहा पढ़कर ईसाले सवाब किया। इसके बाद दावतों का दौर चला। बड़ो ने बच्चों को ईदी दी। सबसे पहले बाजार सन्दल खान स्थित दरगाह वली मियां में नमाज़ अदा की गई। इसके बाद दरगाह ताजुशशरिया, दरगाह शाह शराफ़त मिया, दरगाह बशीर मियां, ख़ानक़ाह-ए-वामिकिया, ख़ानक़ाह-ए-नियाज़िया,दरगाह शाहदाना वली, दरगाह रफीक-उल-औलिया,जामा मस्जिद,दरगाह नासिर मियां (नौमहला मस्जिद), मस्जिद बीबी जी, पीराशाह मस्जिद, हबिबिया मस्जिद,नूरानी मस्जिद,कचहरी वाली मस्जिद, मसीत उल्लाह हरी मस्जिद,मुफ्ती आजम हिंद मस्जिद आदि में अपने तय शुदा वक्तों पर नमाज़ अदा की गयी। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि सबसे आखिर में सुबह 11 बजे दरगाह आला हज़रत की रज़ा मस्जिद में मुफ्ती ज़हीम रज़ा ने नमाज़ अदा करा कर खुत्बा पढ़ा। इसके बाद अल्लामा तौसीफ मियां ने दुनिया भर में अमन ओ सुकून की ख़ुसूसी दुआ की।

यहाँ आला हज़रत परिवार के सभी लोगों ने नमाज़ अदा की। यहां इमाम मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने नमाज़ अदा करने से पहले कहा कि अल्लाह ने अपने बंदों को तीस रोजो को इनाम ईद के रूप में अता किया है। रोजदारो ने जिस तरह अपने आप को रमज़ान भर हर बुरे काम से रोके रखा उसी तरह बाकी बची ज़िंदगी भी इसी तरह गुजारे।
ईद खुशी का भी दिन है और ग़म का भी खुशी उनके लिए जिनके इस माह रोज़े नमाज़ और इबादत कुबूल हो गई और गम उनके लिए जिनके रोज़े और नमाज़ अल्लाह की बारगाह में कबूल नहीं हुए। मरकज़ ए अहले सुन्नत वेलफेयर ट्रस्ट के अल्हाज मोहसिन हसन खान समेत मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी,हाजी जावेद खान,शाहिद नूरी,परवेज़ नूरी,अजमल नूरी,ताहिर अल्वी,औररंगज़ेब नूरी,मंज़ूर खान,मुजाहिद रज़ा,काशिफ रज़ा,खालिद नूरी,साजिद रज़ा,आसिम रज़ा,जोहिब रज़ा,साकिब रज़ा,रोमान रज़ा,सुहैल रज़ा,अरवाज़ रज़ा आदि ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
