Uttarakhand में भाजपा का बड़ा प्लान, कोर कमेटी को मिली 23 हारी सीटों की जिम्मेदारी
प्रयाग भारत, उत्तराखंड: Uttarakhand आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में संगठनात्मक स्तर पर बड़ी रणनीति तैयार की है। योजना के तहत अब पार्टी के हर सांसद, मंत्री और विधायक को एक-एक विधानसभा क्षेत्र में 24 घंटे का प्रवास करना होगा। इस रणनीति को लेकर हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में अंतिम सहमति बनी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि पार्टी की कोर कमेटी के सभी 17 सदस्यों को राज्य की 23 उन विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जहां पिछली बार पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर सांसद स्तर के नेता शामिल हैं, जो इन सीटों पर जाकर लगातार जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करेंगे।
इसके अलावा अन्य विधानसभा सीटों पर मंत्रियों और विधायकों को प्रवास की जिम्मेदारी दी जाएगी। कुछ सांसदों को एक से अधिक सीटों की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। इस दौरान प्रत्येक नेता को 24 घंटे क्षेत्र में रहकर स्थानीय लोगों से संवाद करना, संगठन की बैठकें करना और चुनावी तैयारियों को गति देना होगा।
प्रवास कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियां भी अनिवार्य की गई हैं। साथ ही सभी नेताओं को शक्ति केंद्रों की बैठकों में भाग लेना होगा। प्रदेश में कुल 2835 शक्ति केंद्र हैं, जिन्हें पार्टी की जमीनी संगठनात्मक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ये शक्ति केंद्र तीन से पांच बूथों को मिलाकर बनाए गए हैं, जो मंडल और बूथ स्तर के बीच सेतु का काम करते हैं।
पार्टी का मानना है कि इस रणनीति से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और चुनाव प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा। सभी प्रवास कार्यक्रमों की रिपोर्ट भी संगठन को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।
वहीं, संगठनात्मक ढांचे में हाल ही में हुए बदलाव के बाद फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष को ही महामंत्री संगठन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिससे वे संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन भी देख रहे हैं।
इसके अलावा, पार्टी ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान में प्रदेश के सभी जिलों और मंडलों में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर पौधरोपण करेंगे।