भारतीय सिनेमा के मशहूर एक्टर श्रीकांतय्या उमेश का 80 साल की उम्र में निधन
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प्रयाग भारत, बेंगलुरु: मशहूर कन्नड़ एक्टर ‘मैसूर’ श्रीकांतय्या उमेश का रविवार, 30 नवंबर को बेंगलुरु में 80 साल की उम्र में निधन हो गया. कई दिनों से किदवई अस्पताल में इलाज करा रहे उमेश ने आज सुबह करीब 8:30 बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली.
कॉमेडी के इस बड़े एक्टर, जिनका छह दशक लंबा करियर था, कुछ समय से कैंसर की लड़ाई लड़ रहे थे. पीटीआई के मुताबिक, एक्टर काफी समय से कैंसर से जूझ रहे थे और हाल ही में उन्हें एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली. वह 80 साल के थे.
फिल्म एक्टर, एक्ट्रेस और पॉलिटिकल लीडर्स ने उस पुराने आर्टिस्ट के निधन पर शोक जताया है. एक्ट्रेस तारा ने उमेश की निधन पर शोक जताते हुए कहती हैं, ‘यह दुख की बात है कि सीनियर आर्टिस्ट उमेश अंकल आज हम सबको छोड़कर चले गए. उन्होंने एक भरपूर जिंदगी जी है. उन्होंने अपने आखिरी पल ही हॉस्पिटल में बिताए. यह बात कि उन्होंने लगातार छह दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है, हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह लगते हैं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. परिवार को उनके अलग होने का दुख सहने की शक्ति दे.’
फिल्म इंडस्ट्री में उनका करियर 5 दशकों से ज्यादा का रहा, जहां उन्होंने 350 से अधिक फिल्मों में काम किया. 24 अप्रैल, 1945 को मैसूर में जन्मे उमेश ने चार साल की उम्र में अपना करियर शुरू किया था, जब उन्होंने ‘लंचवतार’ फेम मास्टर के हिरणय्या के थिएटर ग्रुप में एक रोल किया था. बाद में, वह गुब्बी वीरन्ना के थिएटर ग्रुप में शामिल हो गए. उमेश को फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा ब्रेक 1960 में मिला, जब उन्होंने फिल्म ‘मक्कला राज्य’ में लीड रोल किया.
इसके बाद उनके फिल्मी करियर में उतार-चढ़ाव आया, जो संघर्ष से भरा था. उन्हें मजबूरन थिएटर में वापस लौटना पड़ा. एक्टर को फिल्म इंडस्ट्री में अगला ब्रेक 1977 में ‘कथा संगम’ से मिला. तब से उमेश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
