Uttarakhand

Deepawali पर 20 क्विंटल फूलों से सजा केदारनाथ धाम, आज शीतकाल के लिए बंद होंगे भुकुंड भैरवनाथ मंदिर के कपाट

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प्रयाग भारत , रुद्रप्रयाग : दीपावली के पावन पर्व पर उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। हिमालय की गोद में स्थित बाबा केदार के दरबार को करीब 20 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। फूलों की आकर्षक सजावट से पूरा मंदिर परिसर दिव्य और मनमोहक नजर आ रहा है। दीपावली के अवसर पर केदारपुरी की खूबसूरती देखते ही बन रही है और यह सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

20 क्विंटल फूलों से सजा बाबा केदार का दरबार

दीपावली के खास मौके पर केदारनाथ मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर के आसपास और दरबार में विभिन्न रंगों के फूलों का इस्तेमाल किया गया है। करीब 20 क्विंटल फूलों से की गई सजावट ने धाम की सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं। दीपावली के उल्लास के बीच बाबा केदार का दरबार भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।

आज बंद होंगे भगवान भुकुंड भैरवनाथ के कपाट

दीपावली के अवसर पर केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल और रक्षक भगवान भुकुंड भैरवनाथ के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। यह धार्मिक प्रक्रिया वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होगी।

मान्यता के अनुसार, भगवान भुकुंड भैरवनाथ को केदारनाथ धाम का क्षेत्रपाल और रक्षक माना जाता है। उनके कपाट बंद होने के साथ ही बाबा केदार के शीतकालीन कपाट बंद होने से जुड़ी पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा।

धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होंगे हक-हकूकधारी और तीर्थ पुरोहित

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने धाम से जानकारी साझा करते हुए दीपावली के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि भगवान भुकुंड भैरवनाथ के कपाट बंद होने के दौरान धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर स्थानीय हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित समाज, मंदिर समिति के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पुलिस और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी धार्मिक आयोजन में शामिल होंगे।

शीतकालीन यात्रा की धार्मिक परंपराओं का होगा आगाज

केदारनाथ धाम में भुकुंड भैरवनाथ के कपाट बंद होने की प्रक्रिया को शीतकालीन कपाट बंद होने की परंपराओं की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। दीपावली पर बाबा केदार का सजा हुआ दरबार जहां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है, वहीं भैरवनाथ मंदिर के कपाट बंद होने का धार्मिक अनुष्ठान भी धाम में विशेष महत्व रखता है।