Patanjali योगपीठ में स्वामी रामदेव से मिले हरीश रावत, बंद कमरे में 15 मिनट हुई मुलाकात; सियासी चर्चाएं तेज
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प्रयाग भारत , हरिद्वार : उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शुक्रवार को हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ पहुंचे, जहां उन्होंने योगगुरु स्वामी रामदेव से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 15 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि स्वामी रामदेव उस समय पतंजलि योगपीठ में आयोजित अखिल भारतीय प्राच्य विद्या सम्मेलन में व्यस्त थे। हालांकि, हरीश रावत के पहुंचने की जानकारी मिलते ही उन्होंने उनसे मुलाकात की। मुलाकात से पहले हरीश रावत ने स्वामी रामदेव को भगवा शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने आचार्य बालकृष्ण से भी मुलाकात की।
बंद कमरे में 15 मिनट तक हुई बातचीत
हरीश रावत और स्वामी रामदेव के बीच करीब 15 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। हालांकि, दोनों के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। मुलाकात के बाद हरीश रावत पतंजलि योगपीठ से रवाना हो गए।
जब उनसे इस मुलाकात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। वहीं, स्वामी रामदेव की ओर से भी इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में दोनों की मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
खानपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने पर क्या बोले हरीश रावत?
पतंजलि योगपीठ में मुलाकात के बाद हरीश रावत से हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह खानपुर की जनता के आभारी हैं और उनका मन हमेशा हरिद्वार में रहता है।
हरीश रावत ने कहा, “मैं खानपुर की जनता का आभारी हूं। मैं हरिद्वारमय हूं, मेरा मन तो हमेशा हरिद्वार में ही रहता है, लेकिन मन तो मन ही है न और उनका मन तो कहीं और ही है। चुनाव लड़ने के लिए पार्टी हाईकमान का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।”
उनके इस बयान के बाद खानपुर विधानसभा सीट से उनकी संभावित दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया।
बीजेपी में जाने की अटकलों पर दिया जवाब
हरीश रावत से बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी बीजेपी की तारीफ नहीं की है। उन्होंने कहा कि भाजपा का जितना सैद्धांतिक विरोध उन्होंने किया है, उतना शायद ही देश में किसी ने किया होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति भी शब्दों में सहिष्णुता रखते हैं।
सनातन धर्म को लेकर क्या बोले पूर्व सीएम?
सनातन धर्म को लेकर अपनी बात रखते हुए हरीश रावत ने कहा कि सनातन दुनिया का सबसे उदार और सहिष्णु धर्म है। यह इतना प्राचीन धर्म है कि इसके उद्भव के बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं दे सकता।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में कट्टरता, घृणा और नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। उनके इस बयान को भी राजनीतिक और सामाजिक नजरिए से देखा जा रहा है।
जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे पर जताया दुख
इस दौरान हरीश रावत ने चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हादसे में लापता लोगों की सलामती के लिए दुआ की।
फिलहाल स्वामी रामदेव और हरीश रावत की मुलाकात में हुई बातचीत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन खानपुर सीट से चुनाव लड़ने के बयान और बीजेपी में जाने की अटकलों पर दिए गए जवाब के बाद यह मुलाकात उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।