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Rajaji टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सप्ताह, हथिनी अरुंधती को दी श्रद्धांजलि; 14 लोको पायलट और 50 वनकर्मी

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प्रयाग भारत, हरिद्वार : राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में वन्यजीव सप्ताह के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजाजी टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध हथिनी अरुंधती को याद किया गया और उसकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल और दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने अरुंधती की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। इसके साथ ही पालतू हाथियों को फल और हरा चारा खिलाया गया।

14 लोको पायलटों को किया गया सम्मानित

वन्यजीव सप्ताह के कार्यक्रम में हरिद्वार-देहरादून रेलवे ट्रैक पर हाथियों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने वाले 14 लोको पायलटों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा हाथियों की देखभाल करने वाले महावतों को भी सम्मान दिया गया।

वन विभाग के अनुसार, हरिद्वार और देहरादून के बीच रेलवे ट्रैक का करीब 17 किलोमीटर क्षेत्र हाथियों की आवाजाही के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। इस क्षेत्र में पहले ट्रेन की चपेट में आने से कई हाथियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में ट्रेन संचालन के दौरान लोको पायलटों की सतर्कता वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

हाथी दिखने पर ट्रेन रोककर बचाते हैं वन्यजीवों की जान

रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर लोको पायलट विशेष सावधानी बरतते हैं। हाथियों के ट्रैक पर आने की स्थिति में ट्रेन को रोककर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। निर्धारित नियमों और सावधानियों का पालन करने वाले लोको पायलटों को इसी योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

50 वनकर्मियों को भी मिला सम्मान

कार्यक्रम में कालागढ़ टाइगर रिजर्व से बाइक रैली के जरिए पहुंचे करीब 50 वनकर्मियों को भी सम्मानित किया गया। वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह बाइक रैली कोटद्वार से शुरू हुई थी, जो राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज पहुंचकर संपन्न हुई।

कार्यक्रम में वंदेमातरम स्कूल के बच्चों ने भी हिस्सा लिया। बच्चों और वनकर्मियों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का संदेश दिया गया।

मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ना चिंता का विषय

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल ने कहा कि उत्तराखंड में वन्यजीवों का संरक्षण और संवर्धन बड़ी चुनौती है। वनकर्मी धरातल पर लगातार बेहतर काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद मानव-वन्यजीव संघर्ष का बढ़ना चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से इस संघर्ष को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

जागरूकता अभियानों पर दिया जा रहा जोर

नीना ग्रेवाल ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के साथ-साथ लोगों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। इसके लिए वन विभाग की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों और इंसानों के बीच सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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