चुप्पी पर हरीश रावत का बड़ा बयान, बोले- “सभी निर्णय रणनीतिक हैं”
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, देहरादून : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इन दिनों सभी राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई हुई हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिये गए राजनीतिक अवकाश को अपना अधिकार बताया है. उन्होंने कहा कि 59 वर्ष से […]
More On prayagbharat
- Vande Bharat एक्सप्रेस में मिले 4 लावारिस बैग, 42.7 किलो गांजा बरामद
- Dehradun पुलिस में बड़ा फेरबदल, 22 उपनिरीक्षक-अपर उपनिरीक्षक के तबादले
- Pithoragarh के दो पर्वतारोहियों ने लद्दाख की 3 ऊंची चोटियां कीं फतह
- IIT Roorke में ई-रिक्शा की टक्कर से प्रोफेसर की पत्नी की मौत, मॉर्निंग वॉक के दौरान हुआ हादसा
- Udham Singh Nagar में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 3 निरीक्षकों के तबादले, नानकमत्ता कोतवाली की कमान शंकर सिंह बिष्ट को
प्रयाग भारत, देहरादून : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इन दिनों सभी राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई हुई हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लिये गए राजनीतिक अवकाश को अपना अधिकार बताया है. उन्होंने कहा कि 59 वर्ष से अधिक समय से परिणय सूत्र में बंधन के इस लंबे अंतराल में मै निरंतर कर्तव्यरत रहने के दौरान मैं एक छोटा अर्जित अवकाश लेना अपना स्वाभाविक अधिकार समझता हूं. इस अटूट बंधन के दौरान कभी-कभी कुछ ऐसे क्षण भी आ सकते हैं, जब आप थोड़ी असहजता का अनुभव कर सकते हैं. बड़े परिपेक्ष में स्थितियों को समझना पड़ता है.
उन्होंने विनती पूर्ण तरीके से कहा है कि उनके इस अर्जित अवकाश को लेकर पक्ष विपक्ष नहीं बनाया जाए. उन्होंने कहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से उनका मानसिक भावनात्मक रिश्ता रहा है, इसलिए उनके शब्द स्वाभाविक हैं. फिर भी मैं इसके लिए माफी मांगता हूं. उन्होंने कहा कि इन 59 वर्षों की अथक यात्रा के दौरान उन्हें इस बात का स्मरण रहा है कि वह एक पार्टी कार्यकर्ता है. अंतिम रूप से पार्टी के सर्वोच्च नेतृत्व का निर्णय ही उन्होंने हमेशा शिरोधार्य माना है. कभी उन्होंने थोड़ी विनती कर दी होगी, मगर आखिर में शीर्ष के नेतृत्व को ही शिरोधार्य किया है.
इतने लंबे व्रत जो संकल्प का रूप ले चुका है, वह अब नहीं टूटेगा और ना ही बदलेगा. हरीश रावत का कहना है कि जिन नौजवानों को 2027 में अपने लिए संभावनाएं दिखाई दे रही हैं, वह उनसे कहना चाहते हैं कि महर्षि दधीचि की तरह अगर उन्हें मेरी हड्डियों की जरूरत होगी तो उनके भविष्य को संवारने के लिए मेरी हड्डियां हमेशा उपलब्ध रहेंगी. उनका कहना है की अवकाश के दौरान भी वह सक्रिय हैं, और लगातार अपनी हड्डियां घिस रहे हैं. इस लंबे अंतराल के दौरान मेरा कई लोगों समूह क्षेत्र मान्यताओं व जन अपेक्षाओं के साथ जुड़ाव रहा है. इसलिए जीवन के इस मोड़ पर मुझे उनके परामर्श की भी जरूरत है. उनसे अपने जुड़ाव को दोहराने के लिए उनके बीच जाने की आवश्यकता को वह महसूस कर रहे हैं. मुझको लेकर उत्सुकता रखने वाले समीक्षकों का मैं आभारी हूं.