Uttara Pradesh

Yamuna Expressway बस हादसा: 61 चालान, ₹1.75 लाख जुर्माना लंबित, इमरजेंसी गेट के ऊपर लगा था स्लीपर टियर

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प्रयाग भारत,नई दिल्ली/गाजियाबाद: Yamuna Expressway पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग में 9 यात्रियों की मौत के बाद अब बस के पुराने यातायात रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में चालक और परिचालक पर कथित लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, यात्रियों ने बस रोकने की चेतावनी दी थी, लेकिन समय रहते बस नहीं रोकी गई।

हादसे की शिकार दिल्ली से महोबा जा रही एसी स्लीपर बस के खिलाफ पिछले वर्षों में कई यातायात उल्लंघन दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

चार साल में दर्ज हुए 61 चालान

बस के उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, 13 अप्रैल 2023 से 19 अगस्त 2026 के बीच वाहन के खिलाफ कुल 61 चालान दर्ज हुए। इनमें से 19 चालान लंबित बताए जा रहे हैं, जिनकी कुल राशि करीब 1.75 लाख रुपये है।

रिकॉर्ड के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को दिल्ली के मयूर विहार क्षेत्र में बस के खिलाफ दो चालान किए गए थे। इनमें एक में 18,500 रुपये का जुर्माना लंबित बताया गया है। इसमें स्टेज कैरिज/कॉन्ट्रैक्ट कैरिज के ऊपर सामान रखे जाने से जुड़ा उल्लंघन दर्ज है।

दूसरे चालान में 15 हजार रुपये का जुर्माना लंबित बताया गया है। इसमें बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाले चालक को वाहन चलाने की अनुमति देने को परमिट की शर्तों का उल्लंघन बताया गया है।

इमरजेंसी गेट के ऊपर लगाया गया था स्लीपर टियर

गौतमबुद्ध नगर आरटीओ कार्यालय के मोटर वाहन निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता के मुताबिक, जांच के दौरान बस की ऊंचाई निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई।

जांच में बस में इमरजेंसी गेट मौजूद मिला, लेकिन उसके ऊपर स्लीपर टियर लगा हुआ था। ऐसे में आपात स्थिति के दौरान यात्रियों को बाहर निकालने में परेशानी होने की आशंका जताई गई है।

जांच के दौरान बस में कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स भी रखे मिले।

अलग-अलग राज्यों से जुड़े बस के दस्तावेज

हादसे के बाद बस के संचालन और दस्तावेजों को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स से जुड़ी बताई जा रही है और इसका संचालन मध्य प्रदेश से होने की जानकारी दी गई है।

बस नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस डिपो से संचालित होती थी, जबकि इसका पंजीकरण बिहार के मधुबनी जिले में हुआ बताया गया है। वहीं, बस का फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान और प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा से जारी होने की जानकारी सामने आई है।

बार-बार नियम टूटने के बावजूद कैसे चलता रहा संचालन?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल बस के लगातार यातायात उल्लंघनों को लेकर उठ रहा है। यदि उपलब्ध रिकॉर्ड में दर्ज चालान और लंबित जुर्माने सही हैं, तो यह जांच का विषय है कि बार-बार नियमों के उल्लंघन के बावजूद बस का संचालन लगातार कैसे जारी रहा।

साथ ही यह भी देखा जाना जरूरी है कि लंबित चालानों पर संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की और बस की फिटनेस, परमिट तथा सुरक्षा मानकों की समय-समय पर जांच किस तरह हुई।

चालक-परिचालक की भूमिका की भी जांच

पुलिस को दी गई शिकायत में चालक और परिचालक पर कथित लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। यात्रियों की चेतावनी के बावजूद बस समय पर नहीं रोकने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल हादसे की परिस्थितियों, बस की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा मानकों और चालक-परिचालक की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है। 9 यात्रियों की मौत के बाद सामने आए पुराने चालानों और बस में किए गए संभावित बदलावों ने यात्री सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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