युवाओं में उत्साह, बुजुर्गों-दिव्यांगों का हाैसला भी कम नहीं, बूथों पर ऐसे गए तो देखता रह गया हर कोई
प्रयागभारत, देहरादून: उत्तराखंड में आज पांच लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। मतदान को लेकर सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लाइन लगनी शुरू हो गई। लोकतंत्र के चुनावी महापर्व को लेकर एक तरफ जहां युवाओं में उत्साह नजर आ रहा है, वहीं, बुजुर्ग मतदाता भी तमाम दिक्कतों के बावजूद पूरे उत्साह के साथ मतदान करने पहुंचे रहे हैं।
इस बार राज्य में 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांग मतदाताओं से घर-घर जाकर पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान कराया गया था। बावजूद इसके कई बुजुर्ग मतदाताओं ने घर से मतदान के लिए मना कर दिया। जिसके बाद कई दिव्यांग और बुजुर्ग मतदान केंद्रों पर अपनों के साथ पहुंचे।
बता दें कि निर्वाचन आयोग ने इस बार प्रदेश में 75 फीसदी मतदान का लक्ष्य रखा है। जिसके तहत करीब 60 लाख से अधिक मतदाताओं को मतदान की शपथ भी दिलाई गई।
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पाैड़ी में 91 वर्षीय मतदाता सते सिंह रौथाण ने लोकतंत्र के महापर्व में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।

मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा। इस बार प्रदेश के 83,37,914 मतदाता 55 प्रत्याशियों का भाग्य तय करेंगे।

बता दें कि 2019 में 61.50 प्रतिशत मतदान हुआ था। पांचों सीटों पर मतदान के बाद चार जून को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक मतदान की अपील की है।
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राजधानी देहरादून निवासी पुष्पा भल्ला ने ऑपरेशन होने के बावजूद अपनी जिम्मेदरी बखुबी निभाई। बेटा उन्हें पोलिंग बूथ ले गया। वहीं, राजधानी देहरादून में ऑक्सीजन के पोर्टेबल सिलिंडर के साथ वोट डालने पहुंचे कर्नल आर के टंडन ( 79) के जज्बे को देख बूथ पर हर कोई हैरान रह गया।

राज्य में 1,365 क्रिटिकल पोलिंग बूथ और 809 वलनरेबल पोलिंग बूथ चिह्नित किए गए हैं।

बड़कोट के बाडिया गांव में मतदान करने के बाद 84 वर्षीय बुजुर्ग ने युवाओं के साथ तस्वीर ली।

देहरादून के विकासनगर में विमला देवी(90) ने वार्ड नंबर सात में मतदान किया।

झुकी कमर होकर भी रायपुर राईका पूर्व माध्यमिक विद्यालय मतदान केंद्र में 86 वर्षीय देवकी देवी वोट डालने पहुंचीं।

प्रदेश में करीब 40 लाख युवा मतदाता हैं। वहीं, इसमें से करीब डेढ़ लाख फर्स्ट टाइम वोटर हैं। देहरादून में भी कई युवा मतदान करने पहुंचे।
