Uttarakhand

Haridwar में 20 अक्टूबर की रात से बंद होगी गंगनहर, कुंभ मेले के घाट निर्माण में आएगी तेजी

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प्रयाग भारत, हरिद्वार : Haridwar हर साल की तरह इस बार भी हरिद्वार से निकलने वाली गंगनहर का पानी 20 अक्टूबर की रात से बंद किया जाएगा। वार्षिक बंदी के दौरान नहर की सफाई, सिल्ट निकालने और मरम्मत सहित अन्य जरूरी कार्य किए जाएंगे। इसका असर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन इलाकों में पड़ सकता है, जहां पेयजल और सिंचाई के लिए गंगनहर के पानी पर निर्भरता है।

गंगनहर की बंदी हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। पानी का बहाव रुकने से नहर के किनारे प्रस्तावित घाटों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।

दशहरे से दीपावली तक बंद रहती है गंगनहर

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से हर साल दशहरे के आसपास से दीपावली तक गंगनहर में पानी का प्रवाह रोका जाता है। इस अवधि का इस्तेमाल नहर की सफाई, जमा सिल्ट निकालने और मरम्मत जैसे जरूरी कार्यों के लिए किया जाता है।

नहर में लगातार पानी बहने के कारण कई स्थानों पर सफाई और निर्माण कार्य करना मुश्किल होता है। ऐसे में पानी बंद होने के बाद विभाग को रखरखाव और मरम्मत के कार्य पूरे करने का अवसर मिलता है।

कुंभ मेले के लिए गंगनहर किनारे बनेंगे नए घाट

हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले को देखते हुए गंगनहर के किनारे घाट निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे नए गंगा घाट बनाए जा रहे हैं।

इन घाटों का निर्माण कार्य पहले से जारी है, लेकिन पानी के बहाव के कारण कुछ कार्यों की गति प्रभावित हो रही थी। गंगनहर बंद होने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इससे कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर पूरा करने में मदद मिल सकती है।

नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी में पड़ सकता है असर

गंगनहर की वार्षिक बंदी का प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में देखने को मिल सकता है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई के लिए नहर के पानी का उपयोग किया जाता है।

ऐसे में बंदी के दौरान जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। हालांकि, संबंधित विभागों को पहले से सूचित किया जाता है, ताकि पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा सके।

हर की पैड़ी पर गंगाजल की उपलब्धता बनाए रखने की तैयारी

गंगनहर बंद होने का असर हरिद्वार में गंगा के जलप्रवाह पर भी पड़ता है। भीमगोडा बैराज की ओर से आने वाली धारा में पानी की मात्रा कम होने के कारण हर की पैड़ी पर गंगाजल का स्तर प्रभावित हो सकता है। शुरुआती दिनों में श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में भी चुनौती आती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार अधिकारियों की ओर से हर की पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए पानी की उपलब्धता बनाए रखने की तैयारी की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए जलप्रवाह की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

दीपावली के आसपास दोबारा छोड़ा जाएगा पानी

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी के अनुसार, दशहरे की रात से गंगनहर का पानी रोककर सफाई, सिल्ट निकासी और रखरखाव के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

त्यागी के मुताबिक, सभी जरूरी कार्य पूरे होने के बाद दीपावली के आसपास गंगनहर में दोबारा पानी छोड़ा जाएगा। हालांकि, पानी छोड़ने की सटीक तारीख की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।