युवा आयोग के गठन नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी
Summary
Spread the love प्रयाग भारत, पटना : बिहार में युवा आयोग के गठन का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसके लिए मंजूरी दे दी गई है। बता दें […]
More On prayagbharat
- उत्तराखंड में धामी सरकार के बड़े निर्णय, पर्यटन और ऊर्जा बचत पर फोकस
- Khatima Dharmantaran Case: लालच और दबाव के आरोपों के बीच SIT जांच शुरू
- पेट्रोल बचाने निकले Ganesh Joshi, स्कूटी के एक्सपायर कागजात बने विवाद की वजह
- Pragya Singh Missing Case : पति से नाराज होकर ट्रेन से उतरीं, कई दिनों बाद Begusarai में मिलीं
- Champawat Case को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस ने लगाए लीपापोती के आरोप
प्रयाग भारत, पटना : बिहार में युवा आयोग के गठन का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसके लिए मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि इसी साल के अंतिम महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए यह बड़ा फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट साझा करके जानकारी दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बिहार युवा आयोग में कितने सदस्य होंगे, बिहार युवा आयोग क्या और कैसे काम करेगा, इन सवालों के जवाब भी दिए हैं।
नीतीश कुमार ने पोस्ट में क्या कुछ लिखा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि बिहार के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, उन्हें प्रशिक्षित करने तथा सशक्त और सक्षम बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बिहार युवा आयोग के गठन का निर्णय लिया है और आज कैबिनेट द्वारा बिहार युवा आयोग के गठन की मंजूरी भी दे दी गई है।
सीएम नीतीश ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा है कि समाज में युवाओं की स्थिति में सुधार और उत्थान से संबंधित सभी मामलों पर सरकार को सलाह देने में इस आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों के साथ यह आयोग समन्वय भी करेगा।
उन्होंने बताया है कि बिहार युवा आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे, जिनकी अधिकतम उम्र सीमा 45 वर्ष होगी। यह आयोग इस बात की निगरानी करेगा कि राज्य के स्थानीय युवाओं को राज्य के भीतर निजी क्षेत्र के रोजगारों में प्राथमिकता मिले, साथ ही राज्य के बाहर अध्ययन करने वाले और काम करने वाले युवाओं के हितों की भी रक्षा हो।
सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा देने वाले शराब एवं अन्य मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए कार्यक्रम तैयार कर और ऐसे मामलों में सरकार को अनुशंसा भेजना भी इसका महत्वपूर्ण कार्य होगा।
राज्य सरकार की इस दूरदर्शी पहल का उद्देश्य है कि इस आयोग के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगारोन्मुखी बनें ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो।
