प्रधानमंत्री पोषण योजना में हुए तीन करोड़ रुपये से अधिक के गबन
Summary
Spread the loveप्रयाग भारत, देहरादून : प्रधानमंत्री पोषण योजना में हुए तीन करोड़ रुपये से अधिक के गबन की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसके लिए अनुमोदन दे दिया है। मामले […]
More On prayagbharat
- संभल हिंसा केस: ASP अनुज चौधरी सहित पुलिसकर्मियों को राहत, FIR आदेश पर रोक
- मसूरी माल रोड: टैक्सी एंट्री में घोटाले का आरोप, किंग क्रेग यूनियन ने किया खुलासा
- कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का विरोध, प्रीतम सिंह के नेतृत्व में 16 फरवरी को राजभवन कूच
- सुभाष नगर में टेंट-शामियाना के सामान में भीषण आग, रिहायशी घरों तक पहुंचीं लपटें
- 25 साल बाद इतिहास दोहराने की तैयारी? दिल्ली में चुनाव आयोग का मंथन
प्रयाग भारत, देहरादून : प्रधानमंत्री पोषण योजना में हुए तीन करोड़ रुपये से अधिक के गबन की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसके लिए अनुमोदन दे दिया है। मामले में छह जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सहित कुछ अन्य अधिकारी जांच के घेरे में हैं।
शिक्षा मंत्री के मुताबिक इसमें तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई। जांच में पाया गया कि विद्यालयी शिक्षा विभाग के तहत देहरादून में पीएम पोषण प्रकोष्ठ में तीन करोड़ 18 लाख रुपये के सरकारी धन का गबन हुआ है।
छह डीईओ बेसिक सहित कुछ अन्य अधिकारी जांच के घेरे में
शिक्षा विभाग में वर्ष 2023-24 से 2025-2026 तक तीन करोड़ 18 लाख से अधिक का गबन किया गया। विभागीय जांच में डीईओ बेसिक देहरादून के कार्यालय में कार्यरत उपनल कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से दोषी पाया गया है। वहीं, प्रकरण में छह जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सहित वित्त एवं लेखाधिकारी भी जांच के घेरे में है। इन सभी के खिलाफ उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने बिना किसी जांच के पीएम पोषण संबंधी खातों से धनराशि का आनलाइन अवैध अंतरण विभिन्न खातों में होने दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा, भविष्य में ऐसे प्रकरण न हो इसके लिए वित्तीय एवं अन्य गोपनीय काम केवल जिम्मेदार और सक्षम स्थाई कार्मिकों को ही सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
