फर्जी वकील बन करता गांजा तस्करी, गिरोह के 2 सदस्यों को किया गिरफ्तार
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प्रयाग भारत, नैनीतालः उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो फर्जी वकील बन कर उड़ीसा से गांजा तस्करी करता था। गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मणिकांत मिश्रा ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रुद्रपुर कोतवाली पुलिस और मादक द्रव्य निरोधक बल (एएनटीएफ) और की ओर से रुद्रपुर के खुशी एंक्लेव, भूरारानी में नशा तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान टीम ने हरियाणा नंबर की इटियोस कार संख्या एचआर 51 एपी 3478 को रोका और उसकी गहन जांच की तो उसमें 47.750 किग्रा गांजा बरामद किया गया। कार सवार दीपांकर विश्वास निवासी कंचन तारा, रवीन्द्र नगर, रुद्रपुर और घनश्याम निवासी ग्राम पेहरा, थाना हथीन जिला पलवल, हरियाणा को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों के खिलाफ रूद्रपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि गिरोह में तीन सदस्य हैं और आरोपी गांजा को उड़ीसा के मलखानगिरी से तस्करी कर लाए हैं। वह 17 मई को उड़ीसा से चले और 20 मई को रूद्रपुर पहुंचे। मजेदार बात यह है कि इतने लंबे सफर में किसी भी जिले की पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई। पुलिस को यह भी पता चला कि गिरोह में तीनों सदस्यों की अलग अलग भूमिका है।
गिरफ्तार दीपांकर गाड़ी चलाता है। जबकि घनश्याम फर्जी वकील बन कर उड़ीसा से गांजा को रूद्रपुर पहुंचाने का काम करता है। गिरोह के फरार तीसरे सदस्य रमेश साहनी उर्फ पेंटर निवासी भूरारानी, रूद्रपुर के पास गांजा को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी है। पुलिस को यह भी पता चला कि घनश्याम वकील की ड्रेस पहन कर कार की आगे सीट में बैठ जाता है। पुलिस को चकमा देने के लिए वह कार के डैशबोर्ड और पीछे सीट पर कोर्ट की फाइलों को फैला कर रख देता था।
आरोपी ने कार की डिग्गी के नीचे गांजा छिपाने के अलग से एक चैम्बर भी बना रखा था। बरामद गांजा की कीमत 10 लाख रुपये आंकी गई है। तीनों मुनाफा को आपस में बांट लेते थे। फरार तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।