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20 साल की पालतू बकरी की मौत पर इंसान जैसा अंतिम संस्कार, प्रयागराज में अस्थि विसर्जन और 500 लोगों की तेहरवीं

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प्रयाग भारत, विदिशा/सिरोंज : vidisha मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की सिरोंज तहसील से इंसान और बेजुबान जानवर के बीच गहरे रिश्ते की अनोखी तस्वीर सामने आई है। भवानी नगर निवासी किसान नवल सिंह मालवीय की करीब 20 साल पुरानी पालतू बकरी ‘कटोरी’ उर्फ ‘चमेली’ का 3 अगस्त 2026 को वृद्धावस्था के कारण निधन हो गया। परिवार के लिए कटोरी सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि बेटी की तरह थी।

घर में पलंग पर सोती थी, गर्मी में AC की भी थी व्यवस्था

नवल सिंह के मुताबिक, कटोरी करीब दो दशक से उनके परिवार के साथ रह रही थी। वह घर से बाहर चरने नहीं जाती थी और परिवार के सदस्यों के साथ ही रहती थी। घर के अंदर उसके सोने के लिए पलंग की व्यवस्था थी और गर्मी के दिनों में उसके लिए एयर कंडीशनर भी चलाया जाता था। उसके निधन के बाद परिवार ने उसे परिवार के सदस्य की तरह विदाई देने का फैसला किया।

प्रयागराज ले जाकर गंगा में किया अस्थि विसर्जन

बकरी की मौत के बाद परिवार ने पुलिस और प्रशासन से अनुमति लेकर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया। इसके बाद परिवार उसकी अस्थियां लेकर प्रयागराज पहुंचा, जहां वैदिक विधि-विधान के साथ गंगा नदी में अस्थि विसर्जन किया गया।

15 अगस्त को सिरोंज के लिंक रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी में कटोरी की तेहरवीं और गंगा पूजन का आयोजन किया गया। इसके लिए बाकायदा शोक पत्र छपवाकर रिश्तेदारों, पड़ोसियों और नगरवासियों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में करीब 500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और कटोरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दाल-बाटी, कढ़ी, लड्डू और पापड़ का प्रसाद भी वितरित किया गया।

परिवार बोला- बेजुबान भी परिवार का हिस्सा होते हैं

नवल सिंह ने बताया कि कटोरी हमेशा परिवार के साथ रहती थी और परिवार भी उससे बेहद जुड़ा हुआ था। उसके जाने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे परिवार का कोई सदस्य चला गया हो। इसी भाव के चलते उन्होंने अंतिम संस्कार से लेकर अस्थि विसर्जन और तेहरवीं तक की रस्में पूरी कीं।

परिजनों का कहना है कि कटोरी को 20-21 वर्षों तक बच्चे की तरह पाला गया। उसके निधन के बाद पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के इस कदम की क्षेत्र में चर्चा हो रही है और तेहरवीं में शामिल लोगों ने इसे पशु प्रेम और संवेदनशीलता की अनोखी मिसाल बताया।

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