भिखारियों की तरह हुआ चीन में पाकिस्तान के डिप्टी पीएम का स्वागत
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प्रयाग भारत, भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान अब चीन की चौखट पर राहत की भीख मांगने पहुंचा. लेकिन उसे वहां भी सिर्फ अपमान ही मिला. पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार जब 19 मई को बीजिंग पहुंचे तो उनका स्वागत न तो किसी वरिष्ठ चीनी मंत्री ने किया और न ही उन्हें कोई विशेष सम्मान मिला. इसके बजाय उन्हें एयरपोर्ट पर एक निचले स्तर के अधिकारी ने रिसीव किया और वे साधारण यात्रियों की बस में बैठाकर एयरपोर्ट टर्मिनल तक लाए गए.
सोशल मीडिया पर मजाक का पात्र बना पाकिस्तान
यह दृश्य कैमरे में कैद होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ट्विटर (अब एक्स) पर एक यूजर ने डार के स्वागत की तुलना 2013 और 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रीमियर ली कियांग को पाकिस्तान में मिले भव्य स्वागत से की और कहा कि अब चीन भी पाकिस्तान को गंभीरता से नहीं लेता.
“करीबी दोस्ती” पर उठे सवाल
पाकिस्तान और चीन दशकों से एक-दूसरे को “आयरन ब्रदर” कहकर बुलाते हैं. दोनों देशों ने मिलकर CPEC (चीन-पाक आर्थिक गलियारा) जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर काम किया है, और चीन पाकिस्तान को 81% सैन्य हथियार भी सप्लाई करता है. लेकिन हाल के वर्षों में CPEC पर आतंकी हमलों और सुरक्षा खतरों के कारण चीन ने पाकिस्तान पर अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद डार का चीन दौरा
डार का यह दौरा भारत द्वारा 7 मई को किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद हो रहा है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था. जवाब में पाकिस्तान ने “ऑपरेशन बुनयान-उम-मरसूस” शुरू किया, लेकिन 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया.